तुर्किए के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने अमेरिका में हुए मिड-टर्म चुनावों के नतीजे सामने आने के बाद मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण स्थिति के खत्म होने की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे इलाके में जल्द से जल्द शांति आए. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकी मिड-टर्म चुनाव के नतीजे इलाके में लंबे समय तक शांति और स्थिरता लाने में मदद करेंगे. अंकारा इस उद्देश्य के साथ अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस के लगातार संपर्क में बना रहेगा.
तुर्किए के राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से गुरुवार (5 नवंबर, 2026) को जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, दक्षिण कोरिया से लौटते समय राष्ट्रपति एर्दोगन ने विमान में पत्रकारों से कहा, ‘हमारी सबसे बड़ी उम्मीद है कि चुनाव के नतीजे हमारे क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता में योगदान देंगे. इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हम अमेरिकी प्रशासन, प्रतिनिधि सभा और सीनेट, तीनों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेंगे.’
तुर्किए-US संबंधों और पश्चिम एशिया पर वाशिंगटन की नीति पर पड़ेगा असर?
एर्दोगन ने कहा, ‘अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का तुर्किए-अमेरिका संबंधों और पश्चिम एशिया को लेकर वाशिंगटन की नीति पर क्या असर पड़ेगा, इसके बारे में अभी कोई ठोस निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी. मैं चाहता हूं कि चुनाव के नतीजे अमेरिकी जनता के लिए फायदेमंद हों. मुझे यह भी उम्मीद है कि हमारे क्षेत्र और वैश्विक राजनीति पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा. हालांकि, अभी इस बारे में कोई ठोस बयान देना जल्दबाजी होगी. तुर्किए और अमेरिका के संबंध गहरे हैं और मजबूत नींव पर आधारित हैं. हम दोनों देश नाटो के सहयोगी हैं और कई सालों से हमारे बीच रणनीतिक संबंध रहे हैं.’
उन्होंने कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं कि हमारा इलाका लंबे समय से बेहद उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रहा है. दुर्भाग्य से हमारे आसपास युद्ध, संघर्ष और दमन लगातार जारी हैं. हम चाहते हैं कि हमारे क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति स्थापित हो. हमारी सबसे बड़ी इच्छा है कि चुनाव के नतीजे हमारे इलाके में स्थायी शांति और स्थिरता लाने में योगदान दे. इसी मकसद से हम अमेरिकी प्रशासन, प्रतिनिधि सभा और सीनेट के साथ करीबी संवाद बनाए रखेंगे.’
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