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गणेश चतुर्थी 2026: मोती डूंगरी में सिंजारा महोत्सव पर भक्तों का सैलाब, गूंजे ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे


मोती डूंगरी में सिंजारा पर्व की धूम, गुलाबी नगरी जयपुर के विश्व प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा महोत्सव बड़ी ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. गणेश चतुर्थी से ठीक एक दिन पहले आयोजित होने वाले इस पारंपरिक उत्सव में शामिल होने के लिए सुबह तड़के से ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे. पूरा प्रांगण ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज रहा है.

सिंजारे के पावन अवसर पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी महाराज का भव्य और दिव्य शृंगार किया गया. गजानन को विशेष रूप से तैयार की गई नवीन पोशाक और आकर्षक आभूषण पहनाए गए हैं. भगवान के इस मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो रहे हैं. मंदिर के गर्भगृह को भी सुगंधित फूलों से बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया है.

सिंजारे के पावन अवसर पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी महाराज का भव्य और दिव्य शृंगार किया गया. गजानन को विशेष रूप से तैयार की गई नवीन पोशाक और आकर्षक आभूषण पहनाए गए हैं. भगवान के इस मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो रहे हैं. मंदिर के गर्भगृह को भी सुगंधित फूलों से बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया है.

इस उत्सव की सबसे बड़ी खासियत भगवान गणेश को अर्पित की गई विशेष प्रसादी और मेहंदी का वितरण है. मान्यता है कि सिंजारे के दिन यहां से मिली मेहंदी लगाना अत्यंत शुभ और मंगलकारी होता है. इसी प्रसाद को पाने के लिए मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं और सभी श्रद्धापूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते दिखे.

इस उत्सव की सबसे बड़ी खासियत भगवान गणेश को अर्पित की गई विशेष प्रसादी और मेहंदी का वितरण है. मान्यता है कि सिंजारे के दिन यहां से मिली मेहंदी लगाना अत्यंत शुभ और मंगलकारी होता है. इसी प्रसाद को पाने के लिए मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं और सभी श्रद्धापूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते दिखे.

त्योहार को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं. भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है और अलग-अलग बैरिकेड्स बनाए गए हैं. गर्मी और भीड़ से राहत देने के लिए पीने के शुद्ध पानी और छायादार टेंट की व्यवस्था भी की गई है, ताकि दर्शनार्थियों को परेशानी न हो.

त्योहार को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं. भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है और अलग-अलग बैरिकेड्स बनाए गए हैं. गर्मी और भीड़ से राहत देने के लिए पीने के शुद्ध पानी और छायादार टेंट की व्यवस्था भी की गई है, ताकि दर्शनार्थियों को परेशानी न हो.

जयपुर के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आसपास के शहरों और गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं. युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी भक्ति रस में डूबे नजर आए. सिंजारा पर्व घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ मनाया जाता है, जिससे हर चेहरे पर एक अलग ही आध्यात्मिक चमक और खुशी दिखाई दी.

जयपुर के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आसपास के शहरों और गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं. युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी भक्ति रस में डूबे नजर आए. सिंजारा पर्व घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ मनाया जाता है, जिससे हर चेहरे पर एक अलग ही आध्यात्मिक चमक और खुशी दिखाई दी.

चतुर्थी के महामहोत्सव की शुरुआत, सिंजारा महोत्सव के संपन्न होते ही अब गणेश चतुर्थी के महापर्व की भव्य शुरुआत हो चुकी है. आने वाले दिनों में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भोग का क्रम लगातार जारी रहेगा. यह उत्सव शहर में धार्मिक एकता और अपार आस्था का सुंदर माहौल बना रहा है, जहां हर कोई भगवान गणेश के चरणों में शीश नवाकर मंगल की कामना कर रहा है.

चतुर्थी के महामहोत्सव की शुरुआत, सिंजारा महोत्सव के संपन्न होते ही अब गणेश चतुर्थी के महापर्व की भव्य शुरुआत हो चुकी है. आने वाले दिनों में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भोग का क्रम लगातार जारी रहेगा. यह उत्सव शहर में धार्मिक एकता और अपार आस्था का सुंदर माहौल बना रहा है, जहां हर कोई भगवान गणेश के चरणों में शीश नवाकर मंगल की कामना कर रहा है.

Published at : 14 Sep 2026 02:27 PM (IST)

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