- राहुल गांधी ने इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम किया।
- उन्होंने छात्रों की समस्याओं के लिए ‘सिस्टम’ को जिम्मेदार ठहराया।
- राहुल ने छात्रों के गुणों – जिज्ञासा, प्रेम, ईमानदारी पर जोर दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम का आयोजन किया. उन्होंने कार्यक्रम में भारी संख्या में मौजूद छात्रों और युवाओं का धन्यवाद करते हुए उन्होंने छात्रों के विभिन्न गुणों के बारे में बताया. इस दौरान उन्होंने ‘सिस्टम बनाम छात्र’ का मुद्दा उठाया और अपने संबोधन में छात्रों की समस्याओं, शिक्षा, भर्ती, पेपर लीक और हॉस्टल की कमी को लेकर सरकार पर निशाना साधा.
कार्यक्रम की शुरुआत में राहुल गांधी ने कहा, ‘आज हम सिस्टम बनाम छात्र के मुद्दे पर बात करेंगे कि ये सिस्टम क्या है, जिसके बारे में सभी छात्र बोलते हैं, कहते हैं. छात्र क्या होता है और छात्रों को सिस्टम कैसे दबा रहा है. कैसे छात्रों के भविष्य को सिस्टम चुनौती दे रहा है- आज हम इस विषय पर बात करेंगे.’ इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि देश के पूरे सिस्टम पर कुछ लोगों का कब्जा है.
राहुल का दावा: छह लोग चला रहे हैं सिस्टम
राहुल गांधी ने अपने भाषण में दावा किया कि देश के सिस्टम में अलग-अलग स्तर हैं और हर स्तर पर सिस्टम ने अपना एक आदमी बैठा रखा है. देश का सिस्टम कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में केंद्रित है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, NSA अजीत डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत नाम लिया. उन्होंने अजीत डोभाल को लेकर कहा कि सूचना तंत्र और फोन पर उनका नियंत्रण है और टिप्पणी की कि डोभाल फोन के अंदर बैठे हैं. राहुल गांधी ने फोन टैपिंग को लेकर भी आरोप लगाए.
सिस्टम को छात्र नहीं, अंधभक्त चाहिए- राहुल गांधी
देश पर सिस्टम का कब्जा है, जिसके टॉप पर 6 लोग बैठे हैं 👇
1. नरेंद्र मोदी: पूरे सिस्टम को चलाते हैं
2. अमित शाह: देश को भड़काते हैं, स्टूडेंट्स को पिटवाते हैं
3. अजीत डोभाल: मोदी-शाह को इन्फॉर्मेशन देते हैं
4. मोहन भागवत: विचारधारा की बातें करते हैं
5. अडानी-अंबानी: पूरे… pic.twitter.com/6AYAhoJKfk
— Congress (@INCIndia) September 19, 2026
राहुल गांधी ने छात्रों और अंधभक्तों के बीच तुलना करते हुए कहा कि छात्र सवाल पूछते हैं, जबकि उनके अनुसार अंधभक्त सवाल नहीं करते. उन्होंने कहा कि छात्र प्रेम और सम्मान की बात करते हैं, जबकि अंधभक्त नफरत फैलाते हैं. छात्र विनम्र होते हैं, जबकि अंधभक्त अहंकार से भरे होते हैं. राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि अंधभक्त महिलाओं का अपमान करते हैं, जबकि छात्रों को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए.
पेपर लीक और हॉस्टल हादसे पर सवाल
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में दिखाए गए एक वीडियो का जिक्र करते हुए पेपर लीक और हॉस्टल हादसों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि सवाल यह होना चाहिए कि पेपर लीक क्यों हो रहे हैं, हॉस्टल क्यों गिर रहे हैं और छात्रों की जान क्यों जा रही है.
दिल्ली में हाल ही में PG बिल्डिंग हादसे में सात छात्रों की मौत का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में सिर्फ 14 प्रतिशत छात्रों को हॉस्टल की सुविधा मिल रही है.
शिक्षा कोई लग्जरी या एहसान नहीं- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि किंडरगार्टन से लेकर विश्वविद्यालय तक छात्रों को शिक्षा उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान शिक्षा का बजट 4.6 प्रतिशत था, जो अब 2.6 प्रतिशत रह गया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 1.5 करोड़ छात्रों को छात्रवृत्ति से वंचित किया गया, करीब एक लाख स्कूल बंद हुए और शिक्षकों के करीब 10 लाख पद खाली हैं.
दिल्ली PG हादसे के पीड़ित परिवार से मिले राहुल
इंदौर कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने दिल्ली के PG हादसे में जान गंवाने वाले 18 वर्षीय छात्र अर्पित के दादा, पिता और बहन से मुलाकात की.
छात्रों के गुणों के बारे में बोले राहुल गांधी
कार्यक्रम की शुरुआत में राहुल गांधी ने कहा, ‘छात्र क्या होता है? यह समझने की बात है कि छात्र भारत का भविष्य है. छात्रों के बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता है और छात्र के भीतर अलग-अलग गुण होते हैं. छात्र का पहला बड़ा गुण- उनकी जिज्ञासा होती है. उनकी कुछ भी जानने की इच्छा और सवाल पूछने की इच्छा होती है. छात्र प्राकृतिक रूप से जिज्ञासु होते हैं, सवाल पूछते हैं. अलग-अलग विषयों पर सवाल पूछते हैं.’
उन्होंने कहा, ‘छात्रों का दूसरा गुण- मोहब्बत. छात्र नफरत नहीं करते हैं. छात्र एक-दूसरे से प्यार से बर्ताव करते हैं, एक-दूसरे का सम्मान करते हैं. तीसरा गुण- विनम्रता (Humility), जो सवाल पूछता है, सवाल का जवाब ढूंढता है, उसमें अहंकार हो ही नहीं सकता है. इसलिए छात्र विनम्र होते हैं, निडर होते हैं, सहिष्णु होते हैं. वो दूसरी विचारधाराओं, दूसरी सोच को समझने की कोशिश करते हैं. लड़ते नहीं है, धमकाते नहीं है, डराते नहीं है और आखिर में छात्रों में सबसे बड़ा गुण- वो ईमानदार होते हैं और वे ईमानदारी से काम करते हैं.’
राहुल गांधी ने कहा, ‘हमें छात्रों के गुणों को सुरक्षित रखना है, क्योंकि इन्हीं गुणों से देश बनता है, लेकिन अगर आज हम देखें और छात्रों से बात करें, तो छात्र खुश नहीं है. स्टूडेंट्स अनकंफर्टेबल हैं. उन्हें अपना भविष्य नहीं दिख रहा है और वे दबाव में हैं.’
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