जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार (27 अगस्त) को 11 वार्डों में अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी. आप ने कांग्रेस और बीजेपी से पहले ही अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं.
पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों के जरिए नामों की घोषणा की. पार्टी का कहना है कि वह पूरी तैयारी के साथ जयपुर के निकाय चुनावों में उतर रही है. उसका मकसद स्थानीय मुद्दों को उठाना, पारदर्शी राजनीति को बढ़ावा देना और शहरी प्रशासन को बेहतर बनाना है. पार्टी की पहली लिस्ट में समाज के अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें स्थानीय समाजसेवी और एक्टिविस्ट भी हैं.
27 अगस्त से 31 अगस्त तक चलेगी नामांकन की प्रक्रिया
इस निकाय में 2,433,121 रजिस्टर्ड वोटर हैं. जयपुर में दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होनी है. नामांकन की प्रक्रिया 27 अगस्त (गुरुवार) से शुरू हो रही है और 31 अगस्त तक चलेगी. नामांकन की अवधि की शुरुआत में ही उम्मीदवारों की घोषणा करके आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों को वोटरों से जुड़ने, स्थानीय कैंपेन आयोजित करने और घर-घर जाकर संपर्क करने के लिए अधिक समय दिया है.
आमतौर पर, कांग्रेस और बीजेपी जैसी बड़ी पार्टियां नॉमिनेशन की आखिरी तारीख के करीब तक उम्मीदवार चुनती हैं. इसलिए, जल्दी घोषणा करने से उम्मीदवारों को जमीनी स्तर पर लोगों को जोड़ने के लिए अधिक समय मिल सकता है.
📢 जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के लिए AAP की पहली सूची जारी! 🧹🇮🇳
आम आदमी पार्टी ने जयपुर नगर निगम चुनाव 2026 के लिए 11 वार्डों में अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है।
📍 वार्ड 22 — त्रिलोक पारीक
📍 वार्ड 33 — कविता यादव
📍 वार्ड 54 — संगीता कुमारी गौड़
📍 वार्ड 62 — योगेश… pic.twitter.com/l1BMCnl4bJ— AAP Rajasthan (@AAPRajasthan) August 26, 2026
निम्स यूनिवर्सिटी में 48 घंटे में 2 छात्रों की मौत, पुलिस ने उठाए सवाल
राजस्थान की शहरी राजनीति में मौजूदगी दर्ज कराना चाहती आप
आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब में अपनी सरकारों की सफलता के आधार पर राजस्थान के शहरी स्थानीय निकायों में अपनी राजनीतिक पैठ बढ़ाना चाहती है. जयपुर नगर निगम चुनाव में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है, क्योंकि आम आदमी पार्टी राजस्थान की शहरी राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है. पार्टी से उम्मीद की जा रही है कि वह अपने चुनाव प्रचार में स्वच्छता, सीवरेज, पेयजल, सड़क की स्थिति और स्थानीय बुनियादी ढांचे सहित रोजमर्रा की नागरिक चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करेगी.
‘जो देगा भारी पोटली, उसे बनाएंगे…’, कांग्रेस का बीजेपी पर गंभीर आरोप
