उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में शनिवार (12 सिंतबर) को उस वक्त भारी सियासी बवंडर मच गया, जब पुलिस ने AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के विशाल काफिले को बीच रास्ते में ही ब्रेक लगा दिया. मिशन 2027 की बिसात पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने श्रावस्ती में एक बड़ा दांव चलने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने पूरी योजना पर पानी फेर दिया.
दरअसल बसपा से निष्कासित कद्दावर नेता दद्दन खान सैकड़ों BSP और BJP कार्यकर्ताओं को AIMIM की सदस्यता दिलाने के कार्यक्रम था. इस दौरान AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा, “हम डर कर भागने वालो में से नहीं हैं. अगर मुकदमा आप पर होगा तो आप से पहले हम पर होगा.” बता दें कि AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली शनिवार (12 सितंबर) को पूरे लाव-लश्कर के साथ श्रावस्ती पहुंचे थे.
आकाश के बाद ईशान को मायावती ने किया दरकिनार, अब दीपिका की मदद लेंगी BSP चीफ
रोड शो की थी तैयारी
जिला मुख्यालय भिनगा से सिरसिया स्थित दद्दन खान के आवास तक करीब 40 किलोमीटर लंबे रोड शो की तैयारी थी लेकिन कानून को ताक पर रखकर सड़कों पर सैकड़ों गाड़ियां और हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा. आरोप है कि बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के यह पूरा मजमा खड़ा किया गया था. जैसे ही काफिला भिनगा कोतवाली के पास पहुंचा, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर पूरे काफिले का रास्ता रोक दिया.
पुलिस ने शौकत अली को किया तलब
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने शौकत अली और दद्दन खान को सीधे कोतवाली के भीतर तलब कर लिया. दोनों नेताओं से बंद कमरे में घंटों पूछताछ चली और बिना परमिशन सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन न करने की सख्त हिदायत दी गई. पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए 40 किलोमीटर लंबे इस रोड शो को भिनगा कोतवाली के बाहर ही खत्म करा दिया.
ऐसे में सवाल सिर्फ एक रोड शो के रोके जाने का नहीं है. सवाल इस घटना के पीछे छिपे सबसे बड़े सियासी नफे-नुकसान का है. दद्दन खान श्रावस्ती की राजनीति का कोई छोटा नाम नहीं हैं. वो श्रावस्ती से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर लोकसभा और विधानसभा दोनों का चुनाव लड़ चुके हैं और इलाके में अपना एक मजबूत जनाधार रखते हैं.
दद्दन खान को टिकट दे सकती है AIMIM
चर्चाएं हैं कि AIMIM आने वाले चुनाव में दद्दन खान को भिनगा विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है. यही वजह है कि समाजवादी पार्टी के खेमे में इस वक्त हलचल सबसे तेज़ है. भिनगा विधानसभा सीट फिलहाल समाजवादी पार्टी के कब्जे में है.
यह इलाका मुस्लिम बहुल माना जाता है, जो अब तक सपा का परंपरागत वोट बैंक रहा है. अगर दद्दन खान पतंग की डोर थामकर चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो सपा के इस मजबूत किले में सीधी सेंधमारी होगी और वोटों का यह बंटवारा सीधा असर नतीजों पर डालेगा.
कौन हैं अखिलेश यादव के लंबी मूंछों वाले चाचा? मंच पर सपा चीफ ने दिलवाया था ताव
