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‘डॉक्टर की मौत के बाद भी वारिसों पर चलेगा पेशेंट के साथ लापरवाही का मुकदमा’, SC का बड़ा फैसला


सुप्रीम कोर्ट ने दूरगामी प्रभाव वाले एक महत्वपूर्ण फैसले में सोमवार (4 मई, 2026) को व्यवस्था दी कि कानून के तहत चिकित्सकीय लापरवाही के किसी भी मामले में अगर चिकित्सक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके कानूनी वारिस के खिलाफ कार्यवाही जारी रखी जा सकती है. कोर्ट ने साफ किया कि अगर किसी डॉक्टर पर चिकित्सा लापरवाही का केस चल रहा है तो उसकी मौत के बाद भी मामला रद्द नहीं होता है. ऐसे में डॉक्टर के परिवार (कानूनी वारिसों) को मामले में शामिल कर सुनवाई जारी रखी जा सकती है. 

जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और जस्टिस ए. एस. चंदुरकर की बेंच ने तीन दशक से भी पुराने एक मामले में उस विधिक प्रश्न पर निर्णय दिया, जिसमें एक चिकित्सक ने शिकायतकर्ता की पत्नी का ऑपरेशन किया था, जिसके बाद उसकी दृष्टि चली गई थी. चिकित्सक और शिकायतकर्ता, दोनों की ही मौत हो चुकी है.

सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक विशेष मामला बताते हुए कहा कि इसमें पुराने वैधानिक प्रावधानों की व्याख्या करनी पड़ी है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सिर्फ लागू कानून की व्याख्या कर रहा है, न कि यह तय कर रहा है कि नीति सही है या उसमें बदलाव की आवश्यकता है.

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बेंच ने कहा कि नागरिक प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 22 नियम-4 के संदर्भ में यह समझना आवश्यक है कि क्या कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में चिकित्सक की मृत्यु के बाद मुकदमा चलाने का अधिकार समाप्त हो जाता है या नहीं.

अदालत ने कहा कि ‘मुकदमा करने का अधिकार’ का अर्थ कानूनी कार्यवाही के माध्यम से राहत प्राप्त करने का अधिकार है और ऐसी कार्यवाही सामान्य रूप से प्रतिवादी के खिलाफ शुरू की जाती है, जिनके पास अपना बचाव करने का समान अधिकार होता है. बेंच ने यह भी कहा कि बचाव का अधिकार और मुकदमा चलाने का अधिकार एक-दूसरे से गहराई से जुड़े होते हैं और दोनों का सह-अस्तित्व आवश्यक है, ताकि कार्यवाही आगे बढ़ सके.

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बेंच ने कहा, ‘फिर भी, उपरोक्त चर्चा और 1986 के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और 2019 के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में दिए गए वैधानिक ढांचे को देखते हुए हम निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि कथित चिकित्सकीय लापरवाही करने वाले डॉक्टर की मृत्यु होने पर उसके कानूनी उत्तराधिकारियों को पक्षकार बनाया जा सकता है और उन्हें रिकॉर्ड में जोड़ा जा सकता है.’



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