साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए भीषण दंगों (Delhi Riots) के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार (31 जुलाई) को बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) समेत पांच दोषियों को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है.
इस अहम फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. बीजेपी विधायक हरीश खुराना ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) को भी आड़े हाथों लिया है.
‘हमें फांसी की सज़ा की उम्मीद थी’
सजा के ऐलान के बाद बीजेपी की तरफ से पहली प्रतिक्रिया देते हुए विधायक हरीश खुराना ने कहा कि उन्हें इस मामले में फांसी की सजा की उम्मीद थी. उन्होंने कहा, “हम उम्मीद कर रहे थे कि उसे (ताहिर हुसैन) फांसी की सज़ा होगी, क्योंकि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (Rarest of Rare Case) की श्रेणी में आता है.”
दिल्ली: भाजपा विधायक हरीश खुराना ने ताहिर हुसैन और 4 अन्य को उम्रकैद की सजा मिलने पर कहा, “कानून ने अपना काम किया और कानून के तहत आज ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा हुई है। हम तो उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें फांसी की सजा हो, लेकिन आज अंकित शर्मा के परिवार को छह साल बाद यह राहत जरूर… pic.twitter.com/xmfRCjgAsD
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 31, 2026
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आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर साधा निशाना
हरीश खुराना ने 2020 के दंगों के वक्त ताहिर हुसैन के राजनीतिक कनेक्शन को लेकर आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए.
- संजय सिंह का खास: खुराना ने कहा कि 2020 में ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी का पार्षद था और वह AAP नेता संजय सिंह का बेहद खास आदमी था.
- पार्टी ने किया था बचाव: बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि उस वक्त अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने ताहिर हुसैन का बचाव (Defend) किया था.
ताहिर हुसैन समेत इन 5 दोषियों को हुई उम्रकैद
अंकित शर्मा की हत्या के इस खौफनाक मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत कुल पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इससे पहले 13 जुलाई को अदालत ने ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या, आपराधिक साजिश रचने और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया था.
दिल्ली पुलिस ने की थी फांसी की मांग: सजा तय किए जाने के दौरान हुई बहस में दिल्ली पुलिस ने अदालत से सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की जोरदार मांग की थी. हालांकि, अदालत ने सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने का फैसला किया.
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