Amit Shah on Delimitation Bill 2026: परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में गुरुवार (16 अप्रैल) को जमकर हंगामा हुआ. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर कई बातें स्पष्ट कर दीं. उन्होंने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि परिसीमन के मामले पर भ्रम फैलाया जा रहा है. गृहमंत्री ने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें बढ़ने वाली हैं. लोकसभा में मौजूदा सीटों की संख्या 543 हैं, जिसे बढ़ाकर कुल 850 करने की योजना है.
अमित शाह ने लोकसभा में परिसीमन पर कहा कि दक्षिण के राज्यों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा, बल्कि उनकी सीटें बढ़ेंगी. अमित शाह ने कहा, भ्रम फैलाया जा रही है कि तीनों विधेयक आने से दक्षिण की क्षमता सदन में कम हो जाएगी और दक्षिण के राज्यों को नुकसान हो जाएगा. कनार्टक से अभी 28 सीटें है, जो 5.15 प्रतिशत हैं. संविधान संसोधन के बाद 43 हो जाएंगी, यानी जरा भी नुकसान नहीं होगा.
दक्षिण के राज्यों के कैसे बढ़ेंगी सीटें, अमित शाह ने बताया
उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक में 28 सीटें हैं, यानी 5.15 प्रतिशत, बिल पारित होने के बाद 42 सीटें 5.14 प्रतिशत हो जाएंगी. तेलंगाना में 17 सीटें हैं, यानी 3.13 प्रतिशत, जो कि 26 हो जाएंगी. तमिलनाडु की शक्ति भी कम नहीं होगी. अभी 39 यानी 7.18 प्रतिशत सीटे हैं, जो कि बढ़कर 59 हो यानी 7.23 प्रतिशत हो जाएंगी. अभी कुल मिलाकर 129 सांसद यानी कि 23.76 प्रतिशत बैठते हैं, बाद में 195 सांसद हो जाएंगे. इनका प्रतिशत 23.97 हो जाएगा. दक्षिण के राज्यों की शक्ति बढ़ेगी और 816 सीट होंगी. आंध्र प्रदेश की अभी 25 सीटें हैं, यानी की 4.60 प्रतिशत सीटें हैं, जो कि बढ़कर 38 हो जाएंगी.’
परिसीमन कब होगा लागू, अमित शाह ने दिया जवाब
अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, ‘एक वाकया आया कि तमिलनाडु, बंगाल में चुनाव हो रहे हैं और यह नया एक्ट आ गया. मैं स्पष्टता से कह देता हूं कि यह डीलिमिटेशन कमीशन की रिपोर्ट तब ही लागू होगी जब संसद इसे स्वीकार करेगी और राष्ट्रपति इस पर मंजूरी की मुहर लगाएंगी. यह 2029 से पहले होने का सवाल नहीं है और 2029 तक भी जो चुनाव होंगे वह सारे पुराने सीटों पर होंगे, पुरानी व्यवस्था में होंगे तो अखिलेश यादव को भी डरने की जरूरत नहीं है.’
जाति जनगणना पर क्या बोले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
अमित शाह ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए कहा, ‘इन्होंने (विपक्ष) कहा कि जाति जनगणना सरकार नहीं कराना चाहती. सरकार की कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जाति जनगणना करने का निर्णय कर लिया है और अगली जनगणना जाति जनगणना होने वाली है.’
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