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दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 22 मई से ट्रैफिक डायवर्जन, 8 जून तक रहेगा असर


दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर सफर करने वालों को अगले कुछ हफ्ते थोड़ी मशक्कत के लिए तैयार रहना होगा. गणेशपुर–देहरादून सेक्शन पर पहाड़ी ढलानों को स्थिर करने का काम शुरू होने जा रहा है, जिसके चलते हाईवे के करीब सवा किलोमीटर हिस्से पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा. यह व्यवस्था 22 मई 2026 से शुरू होकर 8 जून 2026 तक जारी रहेगी.

दरअसल, यह हाईवे पहाड़ी इलाके से होकर गुजरता है और सड़क चौड़ी करने के दौरान पहाड़ों की काफी कटाई हुई है. इससे कुछ संवेदनशील जगहों पर पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है. एनएचएआई पहले ही ऐसी जगहों पर स्टोन कैचर लगा चुका है, लेकिन बारिश का मौसम आने से पहले ढलानों को और मजबूत करना जरूरी समझा गया. इसीलिए अब पहाड़ी ढलानों की स्केलिंग और अतिरिक्त मलबा हटाने का काम हाथ में लिया गया है. इसके लिए अतिरिक्त वन भूमि भी डायवर्ट की गई है.

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किस रास्ते से गुजरेगा ट्रैफिक?

देहरादून की तरफ जाने वाले वाहनों को किलोमीटर 14+650 पर बाईं लेन से दाईं लेन पर भेजा जाएगा. करीब सवा किलोमीटर तक दाईं लेन पर चलने के बाद दात काली टनल से पहले किलोमीटर 15+900 पर वाहन फिर से बाईं लेन पर आ जाएंगे.

वहीं दिल्ली और सहारनपुर की ओर लौटने वाले वाहनों को डाट काली टनल पार करने के बाद पुराने हाईवे पर डाल दिया जाएगा. करीब 1.3 किलोमीटर पुराने रास्ते से होते हुए ये वाहन दोबारा कॉरिडोर की दाईं लेन पर किलोमीटर 14+650 पर मिल जाएंगे.

यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान

डायवर्जन के दौरान किसी तरह की अफरा-तफरी न हो, इसके लिए पूरे 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात रहेंगे जो वाहन चालकों को सही दिशा दिखाते रहेंगे. हाईवे का बाकी हिस्सा हमेशा की तरह खुला रहेगा. एनएचएआई का कहना है कि यह सारा काम मानसून से पहले निपटा लिया जाएगा ताकि बारिश के मौसम में यात्रियों को किसी जोखिम का सामना न करना पड़े. यह परियोजना भारतमाला परियोजना के तहत एनएच-72ए पर गणेशपुर से आशारोड़ी तक छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे निर्माण का हिस्सा है.

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