पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार (28 जुलाई) को दावा किया कि उनकी सरकार के 4.5 साल के कार्यकाल में पंजाब में कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने राजनीतिक लाभ के लिए पंजाबियों को बदनाम करने की कोशिश कर रही है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद संसद परिसर में भगवंत मान ने कहा कि बीजेपी पंजाबियों को बदनाम करने के लिए प्रश्नपत्र लीक के बारे में ‘झूठे आरोप’ लगा रही है. इसी के साथ उन्होंने चेतावनी दी कि बीजेपी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
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‘पंजाबियों को बदनाम करना बंद करे BJP’
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, संसद भवन के दौरे के दौरान भगवंत मान ने विपक्ष के कुछ सांसदों से भी मुलाकात की, जिनमें समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी को राजनीतिक लाभ के लिए ‘पंजाबियों को बदनाम करना बंद करना चाहिए’ और इसके बजाय उनके साथ राजनीतिक लड़ाई लड़नी चाहिए.
मेडिकल एग्जाम का पेपर लीक होने का दावा
बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब में मेडिकल परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. भगवंत मान ने बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर आरोप लगाया कि वे प्रश्नपत्र लीक के झूठे आरोपों के जरिये पंजाब और वहां के मेहनती युवाओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी सिफारिश और प्रश्नपत्र लीक के पूरी तरह से योग्यता के आधार पर 69,000 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं. उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि लोग एक-दूसरे से मिलते-जुलते रहें और बातचीत करते रहें. राजनीति में विचारधाराओं का अलग-अलग होना स्वाभाविक है और यह हमेशा रहेगा.’’
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