- पंजाब में 26 मई को आठ नगर निगमों सहित 100 निकायों के चुनाव होंगे.
पंजाब में 26 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले चुनाव में बैलट पेपर का इस्तेमाल हो या EVM का इस पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. गुरुवार (21 मई) को पंजाब राज्य चुनाव आयोग द्वारा निकाय चुनाव बैलट पेपर से करवाए जाने के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई थी. इस दैरान लंबी और तीखी बहस हुई और पंजाब राज्य चुनाव आयोग और भारतीय चुनाव आयोग ने एक-दूसरे पर देरी और समन्वय के आरोप लगाए.
भारतीय चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने EVM की जितनी मांग की थी, वो सभी राजस्थान से आ रही हैं और आज रात चंडीगढ़ या पंजाब सरकार द्वारा बताई गई जगह पर पहुंच जाएंगी. याचिकाकर्ता के वकील चेतन मित्तल ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने अदालत को ये बताया था कि EVM समय पर उपलब्ध नहीं करवाए जाने को वजह से चुनाव बैलट पेपर से करवाए जा रहे हैं.
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कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
मित्तल के मुताबिक चुनाव आयोग ने कोर्ट को ये बताया है कि चुनाव करवाने के लिये मशीनें एक दिन में ही तैयार हो जाएंगी और चुनाव कर्मियों को इसके लिए मात्र 15 मिनट की ट्रेनिंग की ही जरूरत होती है क्योंकि वो पहले भी इनका इस्तेमाल करते रहे हैं. सभी पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है. गौर हो कि पंजाब में आठ नगर निगमों, 71 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों के चुनाव 26 मई को होंगे. वहीं वोटों की गिनती और चुनाव नतीजे 29 मई को आएंगे.
जिन आठ नगर निगम में चुनाव होने हैं उनमें बठिंडा, कपूरथला, मोहाली, बटाला, मोगा, अबोहर, पठानकोट और बरनाला शामिल हैं. इसके अलावा नगर काउंसिल और नगर पंचायतों के भी चुनाव होने हैं. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि पंजाब की आम आम आदमी पार्टी सरकार इन चुनावों को लूटना चाहती है इसलिए राज्य चुनाव आयोगवोर दबाव बनाकर ये चुनाव EVM के बजाए बैलट पेपर से करवाए जा रहे हैं.
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