उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में नगर पालिका का बुलडोजर एक बार फिर गरजा है. नकटादाना चौराहे पर स्थित सालों पुरानी नगर पालिका की आधा दर्जन दुकानों और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा निर्मित यात्री और रिक्शा स्टैंड को नगर पालिका की टीम ने ध्वस्त कर दिया. नगर पालिका प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. सिटी मजिस्ट्रेट और ईओ की देखरेख में बुलडोजर चलाकर पूरी संरचना को जमींदोज कर दिया गया.
अधिकारियों का कहना है कि भवन काफी समय से बेहद जर्जर हालत में था और इसकी पट्टे की समय सीमा भी समाप्त हो चुकी थी. अधिकारियों ने कहा कि नोटिस जारी किए जाने के बाद भी जब दुकानदारों ने परिसर खाली नहीं किया तब यह दंडात्मक कदम उठाना पड़ा. मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट प्यारेलाल वर्मा, नगर पालिका ईओ संजीव कुमार और भारी पुलिस बल की तैनाती रही.
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प्रशासन ने भवनों को कर दिया था जर्जर घोषित
बताया जा रहा है कि इन दुकानों को नगर पालिका ने दशकों पहले पट्टे पर दिया था, जिसकी अवधि पूरी हो चुकी थी. नगर पालिका प्रशासन ने भवनों को जर्जर घोषित करते हुए दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकानें खाली करने का निर्देश दिया था. निर्धारित समय में दुकानें खाली न होने पर पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
प्रशासन की कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों में आक्रोश
कार्रवाई के दौरान सिर्फ दुकानें ही नहीं, बल्कि वर्ष 1996-97 में तत्कालीन सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा सांसद निधि से बनवाया गया यात्री व रिक्शा शेड भी ध्वस्त कर दिया गया. हरिओम अग्रवाल के चेयरमैन कार्यकाल के दौरान बने इस रिक्शा स्टैंड को भी जर्जर बताकर जमींदोज कर दिया गया है. अचानक हुई इस कार्रवाई और रोजी-रोटी के साधन छिन जाने से स्थानीय दुकानदारों में गहरा आक्रोश और रोष व्याप्त है.
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