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रामपुर जिला अस्पताल में वीडियो बनाने पर रोक, कार्रवाई की चेतावनी


रामपुर का जिला अस्पताल एक अनोखे फरमान के चलते चर्चा में है. जिला अस्पताल में अब पत्रकारों के वीडियो बनाने पर पाबंदी लगा दी गई है. अस्पताल प्रशासन की ओर से चस्पा नोटिस के मुताबिक, ड्रेसिंग रूम, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड में वीडियो बनाने पर रोक लगा दी गई है, आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. इस आदेश को लेकर प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो गए हैं.

जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल के सीएमएस बृजेश चंद्र सक्सेना ने यह नोटिस जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में चस्पा कराया है. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल के ड्रेसिंग रूम, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड में वीडियो बनाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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नाकामी छिपाने के लिए वीडियो पर लगी रोक?

गौरतलब है कि पिछले दिनों रामपुर जिला अस्पताल से कई वीडियो सामने आ चुके हैं. कुछ वीडियो में अस्पताल का स्टाफ कथित तौर पर सोता हुआ नजर आया, जबकि एक वीडियो में मरीज का इलाज किए जाने के दौरान अचानक लाइट जाने का मामला सामने आया था. इन वीडियो को लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठे थे.

सवालों के घेरे में जिलाधिकारी का आदेश

अब अस्पताल प्रशासन ने इन स्थानों पर वीडियो बनाने पर ही रोक लगा दी है. ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पत्रकारों के वीडियो बनाने पर पाबंदी क्यों लगाई गई है?

क्या बोलें जिला अस्पताल के सीएमएस?

एबीपी न्यूज़ ने जब जिला अस्पताल के सीएमएस बृजेश चंद्र सक्सेना से इस संबंध में सवाल किया तो वह मुस्कुराते हुए नजर आए. उन्होंने कहा. “हम जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन कर रहे हैं.” जिला अस्पताल में लगाए गए इस नोटिस के बाद पत्रकारों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को सामने लाने के लिए रिपोर्टिंग और वीडियो कवरेज किस सीमा तक की जा सकेगी.

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