रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ गए हैं. 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ये सम्मेलन होने वाला है. आज पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच एक और द्विपक्षीय बैठक होनी है. पुतिन के पहुंचने से पहले ही उनकी सुरक्षा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. बीते दिनों नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रूस के तीन सैन्य परिवहन विमान उतरे. रिपोर्टों के मुताबिक, इन विमानों में रूसी एडवांस टीम और सैन्य अधिकारी भारत पहुंचे हैं. आइए आपको पुतिन की सुरक्षा के बारे में बताते हैं.
पुतिन की सुरक्षा के लिए हर कदम पर सैकड़ों बॉडीगार्ड नजर रखते हैं. जो 24 घंटे उनके साथ रहते हैं. पुतिन और उनके परिवार की सुरक्षा एसबीपी करती है. एसबीपी संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसओ) को रिपोर्ट करती है.
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— ABP News (@ABPNews) September 11, 2026
परछाई की तरह रहते हैं गार्ड
पुतिन के चारों तरफ परछाई की तरह काले सूट पहने कानों में ईयरफोन लगाए एसबीपी के गार्ड दिन-रात रहते हैं. विदेश दौरे पर भी ये गार्ड हमेशा पुतिन के साथ रहते हैं.
चार लेवल में रहती है सिक्योरिटी
पुतिन की सिक्योरिटी चार लेवल्स में रहती है. पहले घेरे में उनके निजी गार्ड्स होते हैं. दूसरे घेरे में वो गार्ड्स होते हैं जिन पर जनता का ध्यान नहीं जाता है. तीसरे घेरे में गार्ड्स भीड़ को घेरते हैं. जिससे कोई भी संदिग्ध व्यक्ति पुतिन के पास न आ पाए. चौथे घेरे के बारे में दूर से सुरक्षा होती है. इसमें जहां पुतिन होते हैं वहां आसपास की इमारतों की छतों पर स्नाइपर होते हैं.
चुपके से बनता है खाना
पुतिन के खाने का भी खास ध्यान रखा जाता है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन का खाना चुपके से तैयार किया जाता है. वो जो कुछ भी खाते हैं उसे पहले निकटतम सलाहकार टेस्ट करते हैं उसके बाद ही पुतिन को खाने को दिया जाता है. विदेशी दौरों पर भी पुतिन के साथ उनके शेफ जाते हैं जो उनके लिए खाना बनाते हैं.
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