Mohammad Rafi Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन सिंगर्स में टॉप में गिने जाने वाले मोहम्मद रफी ने अपनी मख़मली और सुरीली आवाज से लाखों दिलों पर राज किया और आज जब वो इस दुनिया में नहीं है तब भी अपनी आवाज और बेहतरीन गानों के दम पर लोगों के दिलों में जिंदा है. मोहम्मद रफी बॉलीवुड के ऐसे सिंगर्स में शामिल है जिनका नाम संगीत जगत में सबसे पहले लिया जाता है.
मोहम्मद रफी को ये दुनिया छोड़े हुए 46 साल हो चुके हैं, हालांकि आज भी संगीत और बॉलीवुड जगत में उनकी खूब चर्चा होती है. इस दिग्गज सिंगर की आज 46वीं डेथ एनिवर्सरी है. 24 दिसंबर 1924 को पंजाब के कोटला सुल्तान सिंह गांव में उनका जन्म हुआ था. वहीं 31 जुलाई 1980 को करोड़ों आंखों को नम करके वो हमेशा के लिए इस दुनिया से विदाई ले चुके थे.
फकीर का रहा मोहम्मद रफी पर गहरा प्रभाव
क्या हुआ तेरा वादा, बदन पे सितारे लपेटे हुए, अभी ना जाओ छोड़ कर, लिखे जो खत तुझे, गुलाबी आंखें, ऐ गुलबदन ऐ गुलबदन, चौदहवीं का चांद हो और मां तुझे ढूंढूं कहां जैसे कई बेहतरीन और शानदार गानों को अपनी आवाज देने वाले मोहम्मद रफी की लाइफ में एक फकीर का बड़ा प्रभाव रहा.
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रफी के भाई गांव में सैलून चलाया करते थे. वहां रफी भी अक्सर बैठा करते थे. अक्सर वहां से एक फकीर गाते हुए गुजरता था. रफी उस फकीर की आवाज के दीवाने हो गए थे और वो उस फकीर के पीछे-पीछे चले जाते थे. इसके बाद रफी अपने घर पर उसकी नकल करते हुए गाना गाया करते थे. धीरे-धीरे रफी संगीत में गहरे उतर गए और फिर संगीत का जादू उनके सिर चढ़कर बोलने लगा. उनके संगीत के प्रति प्रेम को देखते हुए उनके बड़े भाई ने उन्हें संगीत की ट्रेनिंग लेने की सलाह दी थी.

13 की उम्र में पहली बार स्टेज पर गाया गाना
रफी ने 13 साल की उम्र में पहली बार स्टेज पर परफॉर्मेंस दी थी और इसका किस्सा भी बड़ा दिलचस्प है. दरअसल लाहौर में एक बार ऑल इंडिया रेडियो पर कुंदन लाल सहगल का एक शो हो रहा था, जहां रफी अपने भाई के साथ गए थे. अचानक लाइट चली गई थी तो कुंदन ने गाना रोक दिया. इसके बाद रफी ने मौका देखते हुए भीड़ का मन बहलाने और उन्हें शांत करने के लिए गाना गाया था. रफी की आवाज से प्रभावित होकर उन्हें पंजाबी फिल्म ‘गुल बलोच’ में गाने के लिए संगीतकार श्याम सुंदर ने ऑफर दिया था.

दिग्गज एक्टर्स की बने आवाज
‘तेरा खिलौना टूटा’ से मोहम्मद रफी को बॉलीवुड में सबसे पहले बड़ी और खास पहचान मिली थी. रफी ने अपने करियर में गुजरे दौर के कई बड़े फिल्ममेकर्स और संगीतकारों के साथ काम किया था. वहीं राजेंद्र कुमार, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार, देव आनंद, शम्मी कपूर और ऋषि कपूर जैसे एक से बढ़कर एक सुपरस्टार्स की वो आवाज बने. हालांकि इस दुनिया से वो जल्दी रुखसत हो गए. उनका सिर्फ 55 साल की उम्र में देहांत हो गया था.
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