बंगाल विधानसभा चुनाव से लेकर परिणाम के बाद तक झालमुड़ी की चर्चा खूब सुर्खियों में रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही एक दुकान पर इस झालमुड़ी का स्वाद चखा, मानो पूरे बंगाल में चुनाव के साथ-साथ यह झालमुड़ी भी लोगों के लिए एक मुद्दा बन गया. वहीं उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी ऐसे कई फूड आइटम है जो चुनावी दौर में काफी चर्चा के केंद्र में रहते हैं, इनमें से एक है बनारस का मशहूर कचौड़ी जलेबी.
पिछले चुनाव के दौरान भी जब राजनेता बनारस के चुनावी दौरे पर होते थे तो वह काशी की चर्चित दुकानों पर रुककर इसका स्वाद लेना नहीं भूलते थे. बनारस शहर भी अपने ख़ास खान-पान और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए मशहूर है.
बनारस की कचौड़ी जलेबी चुनावी दौर में हिट
बीते एक दशक से उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव में वाराणसी जनपद में सबसे अंतिम चरण में चुनाव होता है और इस सियासी अखाड़े में एक अलग ही चुनावी रंग देखने को मिलता है. इस दौरान पक्ष और विपक्ष के ज्यादातर नेताओं का जमघट वाराणसी के गली चौराहे नुक्कड़ पर देखा जाता है.
इस दौरान वह बनारस की सबसे मशहूर कचौड़ी जलेबी वाले जलपान को खाना नहीं भूलते हैं. बेहद सादगी के साथ अपने मतदाताओं को लुभाने के लिए वह सबसे पहले बनारस के कचौड़ी जलेबी वाली दुकान पर पहुंचते हैं उसका स्वाद चखते हैं और इसके बाद ही जनसंपर्क करते हैं. चुनावी दौर में यहां का खान-पान भी खूब सुर्खियां बटोरता है.
सात समंदर पार से स्वाद चखने आते हैं लोग
वैसे तो बनारस अपने खान-पान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. लेकिन, काशी की कचौड़ी जलेबी का स्वाद चखने के लिए लोग सात समंदर पार से भी पहुंचते हैं. बात जब हो चुनावी दौर की तब तो मानो बनारस के हर चौराहे गली पर कचौड़ी जलेबी के साथ अनेक हस्ती आपको मिल जाएंगे.
अब जब बंगाल में इस बार झालमुरी की खूब चर्चा रही है तो ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भी बनारस का यह जलपान नेताओं की जुबान पर चर्चा में जरूर होगा. इस बार के चुनावी समर में यहां के खानपान की चर्चा भी खूब हो सकती है.
