उत्तर प्रदेश के बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के पांडेयपुर गांव के 50 साल के बुजुर्ग व्यक्ति को दिनांक 22 अप्रैल की रात लगभग 10 बजे ईलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे निजी एम्बुलेंस में नजदीकी पेट्रोल पंप संचालक द्वारा पेट्रोल खत्म होने की बात कह कर पेट्रोल देने से मना करने की वजह से व एम्बुलेंस के समय से अस्पताल न पहुंच पाने के कारण बुजुर्ग की मौत हो गयी थी. जबकि उक्त पेट्रोल पंप पर उस वक्त स्टॉक में 8500 लीटर पेट्रोल और 4500 लीटर डीजल उपलब्ध था.
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक्शन में आए डी.एम. मंगला प्रसाद सिंह ने आज जनपद के सभी पेट्रोल पंप डीलरों, आयल कंपनियों के सेल्स ऑफिसरों, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों के साथ बैठक किया.
इस बैठक में डी.एम. ने कहा कि जिले में कोई पेट्रोल की कमी नही है. अगर कोई जमाखोरी करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाई होगी. जिलाधिकारी ने एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन देना अनिवार्य है. उन्होंने बैठक में चेतावनी देते हुए कहा कि स्टॉक होते हुए पंप बन्द मिला तो पेट्रोल पंप के डीलरों के खिलाफ कार्यवाई होगी. बैठक में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और आम जनता को बिना परेशानी सेवा देने पर जोर दिया गया.
एम्बुलेंस को देना होगा हर हाल में पेट्रोल
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप संचालक पूरी ईमानदारी से कार्य करें और किसी भी स्थिति में आम लोगों को सेवा देने में लापरवाही न बरतें. उन्होंने पंपों पर लग रही भीड़ पर चिंता जताते हुए कहा कि अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए और सभी को व्यवस्थित तरीके से पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जाए.
स्टाफ को पूरी जानकारी दें
इंडियन ऑयल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने स्टाफ और आपूर्ति से संबंधित पूरी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि स्थिति की सतत निगरानी की जा सके.
स्टॉक के बाद तेल ने देने पर होगा एक्शन
जिलाधिकारी ने सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद पंप बंद पाया गया तो संबंधित मालिक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि जिले में पहले से अधिक मात्रा में ईंधन की आपूर्ति हो रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बार-बार पेट्रोल भराने आने वाले लोगों पर नजर रखी जाए और पंपों पर उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि किसी प्रकार का पैनिक न फैले.
जमाखोरी पर होगा एक्शन
डीएम ने पंप मालिकों को आश्वस्त किया कि सभी को पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन जमाखोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि कोई समस्या आती है तो पंप संचालक प्रशासन और पुलिस की सहायता ले सकते हैं. जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि वे खुद ईंधन आपूर्ति और बिक्री का पूरा डाटा चेक करेंगे. साथ ही पंपों पर पेयजल की व्यवस्था, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और ग्राहकों के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए. जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारियों और पंप संचालकों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील की, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.
