उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कुछ नेताओं के निष्कासन के वायरल पत्र का खंडन किया है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर मायावती ने शनिवार, 25 अप्रैल, रात 10.19 बजे बयान जारी किया.
उन्होंने लिखा कि जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. अध्यक्ष, जिला गाजियाबाद द्वारा कल जय प्रकाश सिंह को तथा बी.एस.पी. अध्यक्ष, जिला बुलन्दशहर द्वारा आज धर्मवीर सिंह अशोक, पूर्व विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया, जिसकी काफी चर्चा मीडिया में है, लेकिन आज ही बाद में पाटी के तीन वरिष्ठ लोगों – मेवालाल गौतम, मुनकाद अली व नौशाद अली – को पार्टी से निष्कासित करने वाला बी.एस.पी. अध्यक्ष, जिला बुलन्दशहर के जाली लेटरपैड पर जारी प्रेस विज्ञप्ति पूर्णतः फेक व फर्जी है.
बसपा चीफ ने कहा कि इसीलिये उस पर कतई ध्यान नहीं दिया जाये. मीडिया भी ऐसे तथ्यहीन खबरों से बचे तथा आगे ऐसे फेक खबरों पर जरूरी सावधानी बरते अर्थात पुष्टि/सत्यापन जरूर कर ले तो यह उचित होगा.
बुलंदशहर बसपा की चिट्ठी में क्या है?
बता दें बसपा की बुलंदशहर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र प्रधान द्वारा जो पत्र जारी किया गया है उस पर धर्मवीर सिंह अशोक का नाम अंकित है. पत्र में लिखा गया है कि अवगत कराना है कि बहुजन समाज पार्टी बुलन्दशहर जिला यूनिट द्वारा धर्मवीर सिंह अशोक Ex MLC बी.एस.पी. निवासी जिला बुलन्दशहर को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने व पार्टी में अनुशासनहीनता अपनाने के कारण बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
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पत्र में लिखा गया है कि जबकि इनको पार्टी विरोधी गतिविधियों व पार्टी में अनुशासनहीनता अपनाने के बारे में कई बार चेतावनी भी दी जा चुकी है लेकिन इसके बावजूद भी इनकी गतिविधियों व कार्यशैली आदि में कोई सुधार नहीं आया है, जिसकी वजह से पार्टी व मूवमेन्ट के हित में आज इनको पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
