बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज पटना के संकल्प सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि भेजेंगे. सुबह 11:30 बजे होने वाले कार्यक्रम में 8 लाख 27 हजार 472 परिवारों को 7-7 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे. इस तरह कुल 579.23 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि परिवारों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी.
राज्य में इस समय बाढ़ का असर 15 जिलों में है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 49.36 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है. पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले बाढ़ की चपेट में हैं.
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भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर घट रहा है, लेकिन कई इलाकों में नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक और पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है.
इसके अलावा भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में भी गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई, पशुओं के लिए व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए अलग-अलग जिलों में 1260 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं. वहीं बड़ी संख्या में पशुधन भी बाढ़ की चपेट में आया है. ऐसे में प्रभावित इलाकों में हरा और सूखा चारा पहुंचाने के साथ पशुओं के लिए जरूरी दवाओं की भी व्यवस्था की जा रही है.
बारिश को लेकर भी अलर्ट
बिहार में आने वाले दिनों में भारी बारिश की आशंका बनी हुई है. राज्य के करीब आधे हिस्से में येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, बक्सर, भोजपुर और रोहतास समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की चुनौतियां अभी बनी हुई हैं.
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