महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अब अनिवार्य कर दिया गया है. राज्य सरकार की ओर से विभिन्न स्थानों पर मराठी भाषा की बुनियादी शिक्षा देने के लिए विशेष प्रशिक्षण कक्षाएं चलाई जा रही हैं. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चालकों की परीक्षा भी ली जा रही है और सफल होने पर उन्हें प्रमाणपत्र दिया जा रहा है. सरकार ने सभी चालकों को 15 अगस्त तक मराठी सीखने का समय दिया है. इसके बाद 16 अगस्त से नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी.
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि अब तक 48 हजार से अधिक ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महाराष्ट्र में सेवा देने वाले चालक मराठी भाषा में सामान्य बातचीत कर सकें.
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प्रताप सरनाईक ने कहा, “मराठी हमारी मातृभाषा है और उसके सम्मान के लिए सभी को आगे आना चाहिए. जिस तरह किसी दूसरे देश में जाने पर वहां की भाषा का उपयोग करना पड़ता है, उसी तरह महाराष्ट्र में काम करने वालों को मराठी सीखनी चाहिए.”
आरटीओ केंद्र पर परीक्षा और प्रमाणपत्र
अंधेरी आरटीओ केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि उनके केंद्र पर अब तक 3,500 से अधिक चालकों को मराठी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद परीक्षा आयोजित की जाती है और सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र दिया जाता है.
अधिकारियों के मुताबिक, 16 अगस्त के बाद ऑटो और टैक्सी चालकों की जांच के दौरान उनसे यह प्रमाणपत्र मांगा जा सकता है. जिनके पास प्रमाणपत्र नहीं होगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
बुजुर्ग चालक भी सीख रहे मराठी
मराठी सीखने वालों में बड़ी संख्या ऐसे चालकों की भी है जिनकी उम्र 55 से 58 वर्ष के बीच है. इनमें से कई चालक टूटी-फूटी मराठी में बातचीत करते नजर आए, लेकिन भाषा सीखने के उत्साह के साथ नियमित रूप से कक्षाओं में हिस्सा ले रहे हैं. उनका कहना है कि वे नियमों का पालन करने और यात्रियों से बेहतर तरीके से संवाद करने के लिए मराठी सीख रहे हैं.
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सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि यात्रियों और चालकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना और मराठी भाषा को बढ़ावा देना भी है. इसी मकसद से राज्यभर में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक चालक मराठी भाषा सीख सकें और निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाणपत्र हासिल कर सकें.
16 अगस्त से शुरू होने वाली कार्रवाई को देखते हुए सरकार ने सभी चालकों से समय रहते प्रशिक्षण पूरा करने और परीक्षा पास कर प्रमाणपत्र लेने की अपील की है.
