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रूस के हमले से दहला कीव, 27 की मौत, मलबे में तब्दील हुईं रिहायशी इमारतें


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  • जेलेंस्की ने लापरवाही पर आपराधिक जांच के आदेश दिए।

रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी जंग ने पिछले कुछ दिनों में एक बार फिर से भयावह रूप ले लिया है. इस बीच रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव के पास बुचा जिले में लॉन्ग रेंज हमले को अंजाम दिया है, जिसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई है, 42 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और 50 रिहायशी इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.

रूसी हमले को लेकर बुचा जिले के लोकल रीजनल मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के हेड तिमुर तकाचेंको ने कहा कि दुखद रूप से इस हमले में कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं. उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि मरने वाले लोगों का यह आंकड़ा अभी और बढ़ भी सकता है. इसके साथ ही, हमले के बाद बड़े पैमाने पर आग लगने की घटना भी सामने आई है, जो कई घरों से लकर एक रेस्टुरेंट तक फैल गई

27 मृतकों में 4 बच्चे भी शामिल- तकाचेंको

एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, तकाचेंको ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर आधिकारिक बयान में कहा, ‘हमले में 42 अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं. इस घायलों में सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कीव से करीब 20 मील उत्तर-पश्चिम में स्थित बुचा जिले में रूसी हमले के बाद फैले मलबे को हटाने, लोगों को बचाने और लगी आग को बुझाने के लिए तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इमरजेंसी टीमें आग बुझाने, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और आसपास की इमारतों की जांच करने में जुटी हुई है.’

तकाचेंको ने बताया कि हमले वाली जगह पर मेडिकल सर्विस की टीमें भी मौजूद हैं और इलाके से कुल 381 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिनमें 59 बच्चे शामिल हैं.

रूसी हमले पर क्या बोले यूक्रेनी राष्ट्रपति

वहीं, एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी हमले को लेकर एक बयान में कहा कि इस हमले में माइला गांव में एक वेयरहाउस को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद वहां विस्फोट हुआ. हालांकि, उन्होंने घटनास्थल के बारे में विस्तार से जानकारी साझा नहीं की, लेकिन कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के आरोप में आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

जेंलेस्की ने कहा, ‘गोला-बारूद और हथियारों को आम लोगों के घरों या रिहायशी इलाकों के नजदीक नहीं रखा जा सकता है, इसके लिए नियम बने हुए हैं. इस हमले में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बने एक केयर होम के साथ कई रिहायशी बिल्डिंग्स भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं. 370 से ज्यादा लोगों को पहले ही सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा चुका है और बाकी लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.’ 

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