जम्मू-कश्मीर में पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में संपूर्ण ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. कार्यक्रम में राष्ट्र गीत के सभी छह छंदों का गायन हुआ, जिस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला समेत कई प्रमुख नेता करीब तीन मिनट 10 सेकंड तक सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े रहे. हालांकि, कांग्रेस को संपूर्ण वंदे मातरम का गायन रास नहीं आया और पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में अपनी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस को इस मुद्दे पर नसीहत दी. कांग्रेस की आपत्ति के बाद भाजपा ने भी उस पर तीखा पलटवार किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘21वीं सदी की मुस्लिम लीग’ बन चुकी है.
संपूर्ण वंदे मातरम के गायन पर कांग्रेस की आपत्ति
जम्मू-कश्मीर में जहां 2019 से पहले स्थानीय राजनीतिक दल अनुच्छेद-370 के मुद्दे पर बेहद मुखर रहे थे, वहीं अब उसी केंद्र शासित प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन के दौरान वंदे मातरम के सभी छह छंदों का गायन हुआ. समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सरकार के अन्य प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में राष्ट्र गीत गाया गया. कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई. कांग्रेस ने कहा कि उसके सहयोगी दलों को स्वतंत्रता सेनानियों की सोच और उनके फैसलों का सम्मान करना चाहिए. पार्टी ने अपील की कि वंदे मातरम के वही दो वर्जन गाए जाने चाहिए, जिन्हें स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनाया था.
The full version of Vande Mataram sits uneasily with the syncretic and pluralist ethos that our freedom fighters envisioned and nurtured for India.
For us, the considered judgment of Mahatma Gandhi, Pandit Nehru, Sardar Patel, Subhash Chandra Bose, Rajendra Prasad, Acharya… pic.twitter.com/VngmVUmevz
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) September 8, 2026
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जताई आपत्ति
कांग्रेस सांसद और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा कि वंदे मातरम का पूरा वर्जन उस सामंजस्यपूर्ण और बहुलवादी सोच के अनुरूप नहीं है, जिसकी कल्पना भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी और जिसे उन्होंने आगे बढ़ाया था.
वेणुगोपाल ने देश के कुछ महान स्वतंत्रता सेनानियों का हवाला देते हुए सहयोगी दलों से उनके फैसलों और विचारों का सम्मान करने की अपील की. कांग्रेस की ओर से कहा गया कि सहयोगी दलों को भी वंदे मातरम के वही दो छंद गाने चाहिए, जिन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनाया गया था.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला
कांग्रेस की आपत्ति के बाद भाजपा ने उसे घेरने का मौका हाथ से नहीं जाने दिया. भाजपा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि संपूर्ण वंदे मातरम के गायन को लेकर संसद से नियम पारित होने के बावजूद कांग्रेस महासचिव की आपत्ति ने पार्टी का ‘असली चेहरा’ सामने ला दिया है. भाजपा ने खास तौर पर इस बात को रेखांकित किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे कांग्रेस के सहयोगी दल ने संवैधानिक मर्यादा का पालन करते हुए संपूर्ण वंदे मातरम के गायन में हिस्सा लिया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला भी राष्ट्र गीत के सम्मान में सावधान की मुद्रा में खड़े रहे.
वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन को लेकर संसद द्वारा पारित नियम के बावजूद कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने X पर जो आपत्ति की है उसने उसका असली चेहरा सामने ला दिया है।
कांग्रेस के सहयोगी दलों, यहाँ तक कि NCP और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता भी संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन में… pic.twitter.com/ue64cbP4AH— Dr. Sudhanshu Trivedi (@SudhanshuTrived) September 8, 2026
‘मुस्लिम लीग को छोड़कर सहयोगी भी कांग्रेस के साथ नहीं’
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी, यहां तक कि एनसीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता भी संपूर्ण वंदे मातरम के गायन में शामिल हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस को इस पर आपत्ति है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी भी इस मुद्दे पर उसके साथ नहीं हैं और केवल मुस्लिम लीग को छोड़कर कोई उसका समर्थन करता नहीं दिख रहा.
‘कांग्रेस 21वीं सदी की मुस्लिम लीग बन चुकी है’
भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर बेहद तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि अब इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कांग्रेस 21वीं सदी की मुस्लिम लीग बन चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का ‘सेकुलरिज्म का नकाब’ उतर चुका है और पार्टी कट्टरपंथी ताकतों के आगे पूरी तरह आत्मसमर्पण कर खुद को नई मुस्लिम लीग में बदल रही है.
इस तरह जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में संपूर्ण वंदे मातरम के गायन से शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस और भाजपा के बीच बड़े राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है. एक तरफ कांग्रेस अपने सहयोगी दलों से स्वतंत्रता सेनानियों की मूल भावना और बहुलवादी सोच का सम्मान करने की अपील कर रही है, तो दूसरी तरफ भाजपा इसे कांग्रेस की राष्ट्रगीत को लेकर सोच और उसकी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर हमला बोल रही है.
