Headlines

शहबाज शरीफ का यूटर्न, पहले फोटो से पीएम मोदी को किया गायब और फिर…


किर्गिस्तान के बिश्केक में चल रहे 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन को लेकर पाकिस्तान ने कुछ ऐसा किया, जिससे दुनियाभर में उसका मजाक उड़ाया जाने लगा. प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के कार्यालय ने SCO समिट की एक एडिटेड फैमिली फोटो शेयर कर दी. इस एडिटेड तस्वीर में दुनिया के कई नेताओं को क्रॉप करके हटा दिया गया था, ताकि शहबाज शरीफ फ्रेम में बिल्कुल सेंटर में दिखाई दें. एडिटेड फोटो में पीएम नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को क्रॉप करके हटा दिया. हालांकि फिर बाद में दोपहर 3:32 पाकिस्तानी पीएम ने खुद सभी वैश्विक नेताओं की मौजूदगी वाली असली तस्वीर शेयर की.

पीएम मोदी को फ्रेम से कर दिया क्रॉप

बिश्केक में आयोजित 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के एक सत्र से पहले ली गई इस ओरिजिनल तस्वीर में एससीओ सदस्य देशों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी एक साथ खड़े थे. तस्वीर में बाएं से दाएं क्रमश: एससीओ महासचिव नुरलान येरमेकबायेव, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, किर्गिज राष्ट्रपति सादिर जापारोव, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव और एससीओ रीजनल एंटी टेररिस्ट स्ट्रक्चर के प्रमुख उलरबेक शारशेव खड़े थे.

शहबाज शरीफ का यू-टर्न

सिलेक्टिव फ्रेमिंग के जरिए शहबाज शरीफ को कुछ प्रमुख नेताओं के साथ सेंटर में जगह दी गई थी. हालांकि, स्थिति को संभालते हुए बाद में दोपहर 3:32 बजे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने खुद सभी वैश्विक नेताओं की मौजूदगी वाली पूरी फैमिली फोटोग्राफ शेयर की है.

आतंकवाद पर भारत ने PAK का दिखाया आईना

एससीओ के मंच से पीएम मोदी ने मंगलवार (1 सितंबर 2026) को आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को आईना दिखाया. पीएम मोदी ने एससीओ से उन देशों का मुकाबला करने का आग्रह किया जो आतंकवाद का इस्तेमाल सरकार की नीति के तौर पर करते हैं. उन्होंने आतंकवाद के फंडिंग आतंकियों की भर्ती के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में दोहरे मापदंड को खारिज करने की भी अपील की.

प्रधानमंत्री ने चीन के ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (BRI) का जिक्र करते हुए कहा कि कनेक्टिविटी परियोजनाओं को सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए क्योंकि यह एससीओ चार्टर की मूल भावना है. भारत बीआरआई का विरोध करता रहा है क्योंकि इसका कुछ हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है. 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *