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‘शुद्धिकरण करने वालों पर FIR हो’, राहुल गांधी ने खरगे के लिए मांगा न्याय


कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा है. उन्होंने शनिवार (29 अगस्त) को कहा कि इस देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई चल रही है. राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि  खरगे जी हमारे अध्यक्ष जब हल्द्वानी में जाते है वहां शुद्धिकरण होता है . ये बीजेपी और आरएसएस के लोग करते है.

राहुल गांधी ने कहा, ‘शुद्धिकरण करना एक क्राइम है, क्रिमनल ऑफेंस है. दस अगस्त को शुद्धिकरण हुआ 13 अगस्त को खरगे जी ने सदन में कहा कि उनका अपमान हुआ है. अभी तक कोई एक्शन लिया गया है. हमारी मांग है कि जिन लोगों ने ऐसा किया है उन पर जल्दी से जल्दी FIR हो. यह हरकत SC/ST एक्ट का उल्लंघन है. ‘शुद्धिकरण’ की रस्म निभाना एक अपराध है, फिर भी, कोई कार्रवाई नहीं की गई है.’

राहुल ने की FIR की मांग

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री का दावा है कि वे हर जाति से ताल्लुक रखते हैं और पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं. फिर भी, उनकी पार्टी के प्रमुख का कहना है कि शुद्धिकरण सही था. हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री तुरंत इन लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दें. राज्य सरकार और केंद्र सरकार, दोनों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि खड़गे जी को उत्तराखंड में न्याय मिले.’

ये भारत के हर दलित का मुद्दा – राहुल

उन्होंने कहा, ‘ये सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का मुद्दा नहीं है, बल्कि ये हिंदुस्तान के हर दलित व्यक्ति से जुड़ा मुद्दा है. अगर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खुलेआम, बिना झिझक के ऐसा व्यवहार किया जा सकता है तो सोचिए, स्कूल में बच्चे के साथ क्या हो रहा होगा? ये हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है. हमारी लड़ाई BJP-RSS की विचारधारा के खिलाफ है, जो भेदभाव और असमानता को बढ़ावा देती है.’

देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई – राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘देश में दो विचारधारा के बीच की लड़ाई चल रही है. एक अंबेडकर, गांधी जी, पटेल की विचारधारा और दूसरी आरएसएस बीजेपी की विचारधारा है. हजारों साल से दलितों पर अन्याय किया गया और आज भी दलित बच्चों से स्कूल में झाड़ू लगा रहे हैं, टॉयलेट साफ कर रहे हैं. शादी में दलित जब घोड़े पर जाते है तो हेलमेट पहन कर जाते हैं कि कही पत्थर ना मार दे. दलित जितना सफल होता है, उस पर उतना बड़ा हमला होता है.’

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