10 अक्टूबर को होने वाले आंदोलन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा भी हो जाए फिर भी हम पीछे नहीं हटेंगे. हमें इलेक्टोरल सिस्टम को बदलना पड़ेगा. अगर हम लोगों ने सिस्टम को ऐसे ही छोड़ दिया तो जो अगला चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनेगा वो भी ज्ञानेश कुमार की तरह ‘वोट चोरी’ करेगा.
सौरव दास ने कहा कि इस्तीफे के साथ साथ क्रिमिनल चार्जेस भी लगने चाहिए. उनकी गिरफ्तारी हो और सलाखों के पीछे जाएं. एसआईआर फ्रीज हो. वोटर रोल जनवरी 2025 में रोल बैक हो. एसआईआर के दौरान जितनी गड़बड़ी हुई है उसकी जांच इंक्वायरी कमीशन करे. ये सारे डिमांड मनवाने के बाद ही हम घर वापस लौटेंगे. इसलिए लंबे वक्त के लिए आप लोग पैकिंग करके आइए.
सभी लोगों को एकजुट होना पड़ेगा- सौरव
सीजेपी नेता ने कहा कि ये लड़ाई इतनी आसान नहीं है. हम सभी लोगों को एकजुट होना पड़ेगा. पिछली बार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाले आंदोलन में पुलिस ने बर्बरता की थी. लोगों के सिर फोड़े गए. लड़कियों के साथ छेड़खानी हुई. दिल्ली में पैलेट गन चलाए गए और बिहार में तो बीजेपी की सरकार ने एके-47 तक चलवा दिया.
इसके आगे उन्होंने कहा, “इस बार भी हमें आशंका है कि दिल्ली में भी ये लोग कुछ ऐसी ही प्लानिंग कर रहे हैं. इनको डर है कि अगर देश खा युवा एकजुट हो गया तो खैर नहीं है. इस बार की लड़ाई लंबी चलने वाली है. मैं सबको अपील करूंगा कि पूरे देशभर से लोग आएं. जिन लोगों ने अभी तक अपना टिकट नहीं करवाया वो टिकट करवा लें. ट्रेन, फ्लाइट और गाड़ी से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएं.”
‘दिल्ली में लंबे वक्त तक रहना पड़ेगा’
सौरव दास ने ये भी कहा, “दिल्ली में आपको लंबे वक्त तक रहना पड़ेगा. ये एक दिन की लड़ाई नहीं है. ये बहुत दिनों तक चलेगी. इस सरकार का जैसा रवैया है, हमें बहुत सारी कठिनाई झेलनी पड़ सकती है. लेकिन हम लोग जीतेंगे. पिछली बार हम लोग 35-36 दिनों तक जंतर मंतर पर रहे. हम लोगों ने लाठियां खाईं. लेकिन आखिरकार इस देश के लोगों की जीत हुई. इस बार भी हम वही ताकत दिखाएंगे.”
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वोटिंग का अधिकार छीन लिया जाए तो फिर बचेगा क्या? लेकिन ज्ञानेश कुमार जैसे ‘गद्दार’ देश के सिस्टम में बैठे रहे तो इस देश की तरक्की कभी नहीं हो सकती. ऐसे लोगों को सिस्टम से हटाना पड़ेगा. देश के युवाओं के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. ये सिर्फ देश का युवा कर सकता है.
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