Headlines

15 साल बाद टेबल टॉपर बनी RCB, जानिए इतिहास में कितनी बार No-1 पर रही है रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु


इंडियन प्रीमियर लीग में अपना पहला खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पिछले साल जीता था. हालांकि उस सीजन भी टीम टेबल टॉपर नहीं थी, टीम दूसरे पायदान पर रही थी. 15 सालों बाद ऐसा हुआ है कि RCB अंक तालिका के टॉप पर रही, उन्होंने 18 अंक और +0.783 की नेट रन रेट के साथ इस पोजीशन को सिक्योर किया.

इससे पहले आखिरी बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु साल 2011 में टेबल टॉपर बनी थी, उस साल RCB फाइनल तक भी पहुंची थी लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों हार गई थी. इससे पहले बेंगलुरु 2009 में भी फाइनल तक गई थी, लेकिन तब भी डेक्कन चार्जर्स के हाथों हार गई थी.

कितनी बार टेबल टॉपर बनी RCB

आईपीएल इतिहास में सिर्फ 2 बार ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टेबल टॉपर बनी. डैनियल विटोरी की कप्तानी में 2011 और रजत पाटीदार की कप्तानी में 2026 में ऐसा हुआ.

यह भी पढ़ें- ‘मेरे लिए सपने जैसा…’, विराट कोहली के विकेट पर क्या बोले साकिब हुसैन, जानिए

2016 और 2025 में टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रही थी. 2016 में भी टीम फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों हार गई थी. 2025 में भी टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया. पंजाब किंग्स को हराकर टीम ने 18 साल बाद अपना पहला IPL खिताब जीता था.

विराट कोहली RCB के टॉप रन स्कोरर

विराट कोहली ऑरेंज कैप की दौड़ में पिछड़ गए हैं, वह इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में आठवें नंबर पर खिसक गए हैं. हालांकि वह अपनी टीम के टॉप रन स्कोरर हैं, उन्होंने 14 पारियों में 557 रन बनाए हैं. इस सीजन उन्होंने 1 शतक और 4 अर्धशतक जड़े हैं.

यह भी पढ़ें- IPL 2026 का बेस्ट कप्तान कौन? पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने बताया और गिनाए कारण

भुवनेश्वर कुमार के पास पर्पल कैप है, जिन्होंने 14 मैचों में 24 विकेट लिए हैं. गुजरात के गेंदबाज कगिसो रबाडा के भी 24 विकेट हैं, लेकिन भुवि की इकॉनमी (7.71) बेहतर है और इसी वजह से उनके पास पर्पल कैप है.





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *