राजस्थान के सीकर में सेप्टिक टैंक की खुदाई के दौरान दर्दनाक हादसा सामने आया है. पिपराली रोड स्थित एक निजी हॉस्टल के पास करीब 22 फीट गहरी खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से 25 वर्षीय मजदूर सिकंदर मलबे में दब गया. करीब 12 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात 1:45 बजे उसका शव बाहर निकाला जा सका.
बताया जा रहा है कि हॉस्टल के पास सेप्टिक टैंक बनाने के लिए करीब 22 फीट गहरी खुदाई की जा रही थी. इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया और वहां काम कर रहा मजदूर सिकंदर मलबे में दब गया. हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने उसे बचाने की कोशिश की और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं.
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40 लोगों की टीम ने 12 घंटे चलाया रेस्क्यू
सिकंदर को बाहर निकालने के लिए करीब 40 लोगों की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रही. मिट्टी हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई. हालांकि, बार-बार मिट्टी धंसने और बारिश के कारण गीली मिट्टी होने से बचाव अभियान में काफी दिक्कतें आईं. इसके अलावा घटनास्थल के पास बनी इमारतों की मौजूदगी के कारण भी रेस्क्यू टीम को बेहद सावधानी बरतनी पड़ी. आसपास के हॉस्टल को खाली कराया गया और सुरक्षा के लिए मिट्टी के कट्टे लगवाए गए. करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद रात 1:45 बजे सिकंदर का शव बाहर निकाला जा सका.
परिजनों का धरना, हॉस्टल संचालक और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद मृतक के परिजनों और मोहल्लेवासियों में आक्रोश है. परिजनों ने निजी हॉस्टल संचालक और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई तथा आर्थिक मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है. परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक वे मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे. वहीं, पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है. जांच का मुख्य बिंदु यह भी है कि सेप्टिक टैंक की खुदाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं.
हनुमान बेनीवाल ने रेस्क्यू में देरी पर जताई चिंता
घटना को लेकर आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि ‘शिक्षानगरी’ के नाम से पहचाने जाने वाले सीकर में रेस्क्यू ऑपरेशन में इतना समय लगना चिंताजनक है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. हादसे में लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. वहीं, मृतक के परिवार की मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरना जारी है.
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