- ‘समुद्र मंथन’ से तेल-गैस खोज हेतु ₹84 करोड़ स्वीकृत।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार (31 जुलाई, 2026) को केंद्रीय कैबिनेट और सीसीए की बैठक आयोजित की गई. इस अहम बैठक में मोदी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए और कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी चर्चा की. पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली अहम कैबिनेट बैठक की जानकारी केंद्र सरकार में रेल, सूचना और प्रसारण के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री अश्विणी वैष्णव ने दी.
कैबिनेट ब्रीफिंग ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद कैबिनेट ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज की कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बड़े फैसले किए हैं. इन फैसलों में सबसे बड़ा फैसला प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना पर किया गया है. पीएम मोदी ने इस योजना के तहत वाटर बॉडीज की सतह का इस्तेमाल करके सोलर पावर जेनरेशन करने की मंजूरी दी है.’
उन्होंने कहा, ‘भारत में वाटर बॉडीज का इस्तेमाल करके 102 गीगा वॉट (GW) यानी एक लाख मेगावॉट सोलर पावर जेनरेशन करने की क्षमता है. इस योजना का लक्ष्य पूरे देश में कुल 5,000 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर PV (फोटोवोल्टिक) क्षमता बनाना है, जिसके लिए पांच साल की अवधि में प्रति मेगावाट 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.’
उन्होंने आगे कहा, ‘इसमें पीक डिमांड को बेहतर ढंग से संभालने के लिए दो घंटे की एनर्जी स्टोरेज सुविधा भी शामिल की गई है. प्रोजेक्ट्स का चयन टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग के जरिए किया जाएगा. इसका एक बड़ा फायदा यह है कि जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं है. मौजूदा जलाशयों, नहरों और औद्योगिक तालाबों का इस्तेमाल किया जा सकता है.’
पीएम किसान सम्मान योजना पर बोले केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PM किसान सम्मान योजना को अगले 5 सालों के लिए विस्तार देने का फैसला किया है. इस योजना को अब 2030-2031 तक के लिए विस्तार दिया गया है.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले पांच सालों में इस योजना के तहत देशभर के किसानों के खातों में करीब 3.10 लाख करोड़ रुपये डाले गए हैं. इस योजना की वजह से 85% किसानों का कर्ज का बोझ कम हुआ है, इसलिए यह पहल आगे भी जारी रहेगी.’
खेलो इंडिया स्कीम के लिए 29 हजार करोड़ की मंजूरी
अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘आज की बैठक में लिया गया तीसरा बड़ा फैसला खेलो इंडिया स्कीम से जुड़ा है, जो इसे अगले स्तर तक ले जाएगा. इस योजना के तहत, छात्रों और खासकर युवाओं को खेल प्रतियोगिताओं और चैंपियनशिप के लिए व्यवस्थित रूप से तैयार किया जाएगा. इसके लिए एक व्यापक तरीका अपनाया गया है, जिसमें स्टेडियम और बुनियादी ढांचे से लेकर ट्रेनिंग प्रोग्राम, पोषण और मेंटरशिप तक सब कुछ शामिल है और ये सभी एक अच्छी तरह से तैयार किए गए ढांचे के तहत काम करेंगे.’
उन्होंने कहा, ‘अगले पांच सालों तक चलने वाली इस योजना के लिए मोदी सरकार ने 29,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और यह सीधे तौर पर ओलंपिक, पैरालंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी होगी, जिनकी मेजबानी भारत 2030 में करने वाला है. इस प्रोग्राम के तहत, एथलीटों को अभी मिलने वाली मदद से 10 गुना ज्यादा मदद मिलेगी और टैलेंट की पहचान और विकास के लिए एक व्यापक सिस्टम बनाया जाएगा.’
समुद्र मंथन योजना से भारत में तेल और गैस उत्पादन पर होगी खोज
इसके अलावा, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विणी वैष्णव ने कहा, ‘आज ‘समुद्र मंथन’ नाम की एक बड़ी योजना को भी मंजूरी दी गई है. इसका मकसद देश में तेल और गैस उत्पादन के लिए खोज करना है और इसके लिए 84,084 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. उन्होंने कहा कि यह देश में तेल और गैस की बढ़ती मांग के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा. इससे विदेशी मुद्रा की काफी बचत होगी.’
उन्होंने कहा, ‘इस योजना के दो मुख्य हिस्से हैं- पहला ऑफशोर सिस्मिक डेटा इकट्ठा करना और दूसरा मुख्य हिस्सा तेज ऑफशोर खोज योजना का है. पहले हिस्से के लिए 28,000 करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी. इसका मतलब है कि तेल और गैस के भंडार की सबसे ज्यादा संभावना वाले इलाकों से मिले डेटा के आधार पर सटीक खोज योजना बनाने के लिए सिस्मिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है. एक बार खोज योजना तैयार हो जाने के बाद ज्यादा वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन का काम शुरू किया जा सकता है. और दूसरा मुख्य हिस्से के लिए 43,200 करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी.’
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