सरकारी अस्पताल में डॉक्टर्स के साथ मारपीट का मामले में शिवसेना के पार्षद रमेश म्हात्रे को बुधवार (8 जुलाई) को गिरफ्तार किया गया. ये अस्पताल ठाणे जिले में नगर निकाय की ओर से संचालित किया जाता है. आरोप है कि सोमवार शाम कल्याण के एक अस्पताल में जब एक परिवार को नवजात शिशु को दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई तो म्हात्रे और उनके साथियों ने दो डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
अब रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर हमला बोल रहा है. वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. डीसीपी अतुल झेंडे ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है.
रमेश म्हात्रे को डिसक्वालीफाई किया जाए- आदित्य ठाकरे
घटना के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे शास्त्री नगर अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस घटना की कड़ी आलोचना की और कहा कि किसी भी डॉक्टर पर हाथ उठाना बिल्कुल गलत है. आदित्य ठाकरे ने बयान में कहा, “रमेश म्हात्रे को डिसक्वालीफाई किया जाए. परेड भी निकले. लेकिन क्या राज्य के मुख्यमंत्री कार्रवाई कर पाएंगे? क्योंकि बीजेपी ने केंद्र से आदेश दिया है कि एकनाथ शिंदे को कोई हाथ ना लगाए.”
‘फेकनाथ मिंदे के नगरसेवक डॉक्टरों के साथ मारपीट करते हैं’
उन्होंने आगे कहा, “बीजेपी के पसंदीदा फेकनाथ मिंदे के नगरसेवक डॉक्टरों के साथ मारपीट करते हैं. वजह क्या थी कि एक महिला को डॉक्टर ने कहा कि उनके पास NICU बेड अभी उपलब्ध नहीं है, आप किसी और अस्पताल में शिफ्ट कर लें लेकिन इनके नगरसेवक पहुंचकर डॉक्टर के साथ मारपीट कर देते हैं.”
सांसद श्रीकांत शिंदे ने भी की घटना की निंदा
इस पूरे मामले पर कल्याण लोकसभा सांसद और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने भी सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि और डॉक्टर होने के नाते वे कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मजबूती से खड़े हैं. अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है.
‘दोषियों को पार्टी का संरक्षण नहीं मिलेगा’
श्रीकांत शिंदे ने साफ कहा कि पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. अगर इस घटना में कोई पार्टी कार्यकर्ता दोषी पाया जाता है तो उसे पार्टी का संरक्षण नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ पार्टी स्तर पर भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का काम केवल नौकरी नहीं बल्कि मानवता की सेवा है. वे दिन-रात कठिन परिस्थितियों में मरीजों का इलाज करते हैं. ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की हिंसा या अभद्र व्यवहार बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा, सम्मान और निर्भय होकर सेवा देने के अधिकार का सम्मान करें.
‘क्या अखिलेश यादव रामभक्त नहीं हैं?’, चढ़ावा चोरी पर संजय राउत ने क्यों कही ऐसी बात
