- भाजपा में शामिल होने की ख़बरों पर महुआ मोइत्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
- उन्होंने कहा, यह पार्टी में टूट है, पतन नहीं, 41% समर्थन बरकरार।
- छोड़ने वाले पैसे या डर से गए, मुझे कोई नहीं खरीद सकता।
पश्चिम बंगाल में पिछले 15 सालों से सत्ता में रहने वाली ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हालत इस वक्त बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है. राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में TMC को शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हाथों करारी शिकस्त मिली है और चुनाव हारने के बाद से पार्टी में बड़ी फूट देखने को मिली है और यह फूट राज्य से लेकर केंद्रीय स्तर तक देखा गया है. टीएमसी के कई विधायक से सांसदों तक ने अपने रास्ता पार्टी से अलग कर लिया है और पार्टी के कई शीर्ष नेता टीएमसी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं.
टीएमसी में पड़ी फूट के बीच पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा के भी अलग होकर भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आई थी, जिसे लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने हाल ही में बड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मेरा सिर काट दो, लेकिन मैं फिर भी भाजपा में शामिल होने नहीं जाऊंगी.
पार्टी में टूट हुई है, पार्टी का पतन नहीं हुआ- मोइत्रा
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से विधायकों, सांसदों और कई अन्य नेताओं के पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए मोइत्रा ने कहा, ‘इसे तृणमूल कांग्रेस में टूट कहा जा सकता है, न की यह पार्टी का पतन है. टीएमसी वही पार्टी है, जिसे एक महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में बंगाल की 2.6 करोड़ जनता ने वोट दिया था. हमें बंगाल की जनता से चुनाव में 41 प्रतिशत का समर्थन प्राप्त हुआ था. आप इसे ऐसे देखें कि यह डेनमार्क की आधी आबादी के बराबर है.’
उन्होंने कहा, ‘अब सवाल है कि तब से (चुनाव के बाद से) कितने लोगो ने पार्टी से खुद को अलग कर लिया, तो उनमें 20 सांसद, 65 विधायक के अलावा मान लीजिए 10 मेयर और कुछ 100 अन्य लोग शामिल हैं. यानी कि कुल मिलाकर करीब 200-250 लोगों ने पार्टी से इस्तीफा देकर खुद को अलग कर लिया है.’
मुझे कितने भी रुपये देकर नहीं खरीद सकते- मोइत्रा
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आगे कहा, ‘टीएमसी छोड़ने वालों ने या तो पैसों की लालच में भाजपा जोइन की है, या तो डंडे के डर से, लेकिन वो मुझे कितने भी रुपये देकर खरीद नहीं सकते हैं. आप या तो टिकाऊ हो सकते हैं, या तो बिकाऊं. आप मेरा सिर काट दें, मैं बलिदान दे दूंगी, लेकिन मैं भाजपा को जोइन नहीं करूंगी.’
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