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देश में बढ़ा पढ़ाई का क्रेज, 173 देशों के 58 हजार से ज्यादा विदेशी स्टूडेंट्स ले रहे एजुकेशन; ये देश सबसे आगे


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  • पिछले दस साल में भारत में विदेशी छात्र 47% बढ़े, 173 देशों से आए.
  • नेपाल अग्रणी; यूएई, अमेरिका, बांग्लादेश नए प्रमुख स्रोत देश बने.
  • अधिकांश छात्र यूजी कोर्स हेतु कर्नाटक सहित प्रमुख राज्यों में पढ़ाई कर रहे.

अब भारत सिर्फ अपने छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के विद्यार्थियों के लिए भी उच्च शिक्षा का पसंदीदा केंद्र बनता जा रहा है. पिछले दस वर्षों में देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है. दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान भारत में पढ़ने आने वाले छात्रों की संख्या ही नहीं बढ़ी, बल्कि अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा देशों के विद्यार्थी भी भारतीय संस्थानों का रुख कर रहे हैं.

शिक्षा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2023-24 में भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 173 देशों के 58,134 विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे थे. अगर एक दशक पहले यानी 2013-14 के आंकड़ों से तुलना करें तो उस समय भारत में 158 देशों के 39,517 विदेशी छात्र नामांकित थे. यानी दस साल में विदेशी छात्रों की संख्या में करीब 18,600 से अधिक का इजाफा हुआ है, जो लगभग 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है. वहीं भारत में पढ़ने आने वाले देशों की संख्या भी 158 से बढ़कर 173 हो गई है.

विदेशी छात्रों की बात करें तो नेपाल लगातार भारत के लिए सबसे बड़ा स्रोत देश बना हुआ है. वर्ष 2023-24 में भारत में पढ़ रहे कुल विदेशी छात्रों में 24.1 प्रतिशत छात्र नेपाल से थे. एक दशक पहले भी नेपाल पहले स्थान पर था, लेकिन तब उसकी हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत थी. इससे साफ है कि भारतीय शिक्षा संस्थानों में नेपाली छात्रों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है.

यहां से सबसे ज्यादा छात्र

हालांकि, दूसरे देशों की तस्वीर पिछले दस साल में काफी बदल गई है. वर्ष 2013-14 में नेपाल के बाद अफगानिस्तान, भूटान, मलेशिया, सूडान और इराक से सबसे ज्यादा छात्र भारत आते थे. लेकिन अब यह सूची पूरी तरह बदल चुकी है. मौजूदा समय में नेपाल के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दूसरे स्थान पर है. इसके बाद अमेरिका और बांग्लादेश का स्थान है, जबकि नाइजीरिया और जिम्बाब्वे भी भारत में पढ़ाई के लिए छात्रों को भेजने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो गए हैं.

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नई रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारत की पहुंच अब पहले से कहीं ज्यादा देशों तक हो चुकी है. अब लेबनान, बुर्किना फासो, मंगोलिया, मैक्सिको, कजाकिस्तान, बेलारूस और चिली जैसे देशों के छात्र भी भारतीय संस्थानों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि भारतीय उच्च शिक्षा की पहचान अब केवल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रही, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी इसका आकर्षण बढ़ा है.

हालांकि विदेशी छात्रों के स्रोत देशों में बदलाव आया है, लेकिन टॉप 10 देशों का दबदबा अब भी कायम है. वर्ष 2013-14 में कुल विदेशी छात्रों में से लगभग 65 प्रतिशत छात्र सिर्फ शीर्ष 10 देशों से आते थे. वर्ष 2023-24 में भी यह आंकड़ा 63.8 प्रतिशत रहा, यानी अधिकांश विदेशी छात्र अब भी कुछ चुनिंदा देशों से ही भारत पहुंच रहे हैं.

यहां पढ़ रहे सबसे ज्यादा विदेशी

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत आने वाले अधिकांश विदेशी छात्र यूजी कोर्स को प्राथमिकता देते हैं. कुल विदेशी छात्रों में करीब 73.6 प्रतिशत छात्र ग्रेजुएशन स्तर की पढ़ाई कर रहे हैं. वहीं राज्यों की बात करें तो कर्नाटक विदेशी छात्रों की पहली पसंद बनकर उभरा है. यहां सबसे अधिक 7,914 विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. इसके बाद पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु का स्थान है.

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