उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नेताओं के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो चुकी है. इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामली में कई योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इन्हें जिन्ना का उपासक बताया है. जिस पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
सीएम योगी के बयान को विपक्षी नेताओं ने इसे सोची-समझी रणनीति बताया और कहा कि बीजेपी सरकार ने बीते 9 वर्षों से अधिक समय में आम जनता के लिए कुछ नहीं किया और अब जब चुनाव आ रहे हैं तो फिर से धार्मिक उन्मांद बढ़ाने वाले बयान दे रहे हैं.
सपा प्रवक्ता मनोज काका की प्रतिक्रिया
सीएम योगी के जिन्ना वाले बयान पर सपा के मनोज काका ने पलटवार करते हुए कहा, “एक सीएम को सभी धर्मो का सम्मान करना चाहिए, लेकिंन दुर्भाग्य की बात है यूपी के सीएम ये नहीं कर पाते हैं, हमेशा उन्माद भरी बात बोलते हैं. जिनके राज में बेटियों का अपहरण, हत्या हो रही हो, लगातार पेपर लीक हो रहे हों यहाँ तक की चंदे तक की लूट हो रही हो वो धर्म के नाथ नहीं हो सकते. योगी आदित्यनाथ न धर्म के नायक है न संविधान के, वह सिर्फ मनुवाद, सामंती व्यवस्था और विभाजनकारी विचारधारा के नायक है सीएम.
AIMIM ने भी दी कड़ी प्रतिक्रिया
AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीएम योगी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव में कम्पटीशन है कि कौन बड़ा हिन्दू और कौन बड़ा सनातनी. इसलिए इस तरह के बयान देकर मुसलमानों को राजनीतिक अछूत बनाया जा रहा है.
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सत्ता बने रहने के लिए सिर्फ हिन्दू-मुस्लिम: मनीष हिंदवी
कांग्रेस नेता मनीष हिंदवी ने सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब बेरोजगार और किसानों का दर्द नहीं दिख रहा है तो योगी जी एक बार फिर हिन्दू मुसलमान कर रहे हैं. उन्हें पता है उन्होंने 8-9 सालों में कुछ नहीं किया है. इसलिए वो रोज नए शिगूफे छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि योगी जी को इतिहास नहीं पता, कि इसी जिन्ना के साथ मिलकर इनके पूर्वजों हिन्दू महासभा ने सरकारें बनायीं थीं. वो भी नफरत के हिमायती थे और ये भी नफरत के हिमायती हैं.
