समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है. लोकसभा में अखिलेश ने स्पीकर से कहा था कि क्या दोनों की डील हो गई है. जिसके बाद माहौल थोड़ा गर्म हो गया था.
दरअसल अखिलेश लोकसभा में इस बात पर भड़क गए थे कि स्पीकर ने सिर्फ सांसद और कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को बोलने के लिए कहा. इस पर अखिलेश ने कहा कि इनको (पक्ष) बुलवा लिया, उनको (विपक्ष) बुलवा लिया.
अखिलेश यादव का दावा- धर्मेंद्र प्रधान के पास कोई छुपा राज तो नहीं जिसकी वजह से हटाया नहीं जा रहा
अखिलेश के इस बयान के संकेत मिले कि विपक्ष में आंदोलन का श्रेय लेने की होड़ मच गई है. इन संकेतों पर कांग्रेस ने भी जवाब दिया. कांग्रेस सांसद मनिक्कम टैगोर के साथ अखिलेश की नाराजगी पर बातचीत कहा क्योंकि स्पीकर साहब ने कांग्रेस को बोलने का मौका दिया सत्ता पक्ष और कांग्रेस को जबकि उनको नहीं दिया इस वजह से उनकी नाराजगी थी कोई श्रेय लेने की होड़ नहीं है छात्रों के मुद्दे पर हम सब साथ है.
बता दें समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव ने कहा था कि यह मुद्दा कांग्रेस, सपा और भाजपा का नहीं, बल्कि युवाओं, छात्रों और नौजवानों का है.उन्होंने कहा, ‘‘अगर छात्रों की बात नहीं सुनी जाएगी तो वे सड़कों पर उतरेंगे. छात्रों के साथ जो व्यवहार हुआ है. उनके हाथ तोड़े गए, सिर फोड़े गए और कपड़े फाड़े गए.’’ यादव ने कल प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के धरना प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम और राहुल गांधी मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास गए थे. यहां हमारी बात सुन लेते तो हम नहीं जाते. क्या प्रधानमंत्री बयान नहीं दे सकते. वह युवाओं के लिए बाहर बोल सकते हैं तो क्या यहां नहीं बोल सकते.
