नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन की आग अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है. बुधवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस- बीजेपी ने ज़ोरदार प्रदेशन किया. इस दौरान हालत संभालने पुलिस को वाटर केनन और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को कांगेस ने पुरे छत्तीसगढ़ में जिला मुख्यालयों पर हल्ला बोला. राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया. इस दौरान बीजेपी ने प्रधानमंत्री के आवास के घेराव के विरोध ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान हालत तब बिगड़ गए जब कांग्रेस-बीजेपी के कार्यकर्ता आमने सामने आ गए. हालत बिगड़ते देख पुलिस को वाटर केनन और आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस दौरान प्रदर्शनकारीयों ने पथराव भी किया.
बीजेपी जिला इकाई ने किया था घेराव का ऐलान
वहीं राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में भाजपा रायपुर जिला इकाई ने कांग्रेस कार्यालय के घेराव का ऐलान किया. प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए. इससे पहले छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास का घेराव लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है. उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों और संस्थाओं का सम्मान करना हर जनप्रतिनिधि का दायित्व है. ऐसे कदम समाज में गलत संदेश देते हैं और भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा खड़ी रहेगी.
कांग्रेस ने जवाब में खोला मोर्चा
बीजेपी के प्रदर्शन के जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा खोल दिया. कुछ कार्यकर्ता काला झंडा लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा कार्यालय के बाहर भी भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बै ने आरोप लगाया की बीजेपी सरकार लोकतंत्र का अपमान कर रही है. शिक्षा के हक मांग रहे छात्रों पर निर्ममता से लाठीचार्ज इसका सबूत है. बैज़ ने कहा की आज जब बीजेपी के लोग कॉंग्रेस कार्यालय में घुसने की कोशिश कर रहे थे उस वक्त पुलिस भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ही वाटर केनन और आंसू गैस के गोले दाग़ रही थीं.
एक तरफ नीट पेपर लिखा पर राजनीति पूरे चरम पर है तो वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के युवा भी CJP के समर्थन में रायपुर समेत प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में प्रदर्शन और अनशन कर रहे हैं. जिसके चलते ये मामला जल्दी थमता नज़र नहीं आ रहा.
