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‘स्टूल वालों को जहर उगलना ही पड़ता है’, केशव प्रसाद मौर्य पर ओवैसी का हमला


AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार (5 अगस्त, 2026) को मदरसों और इस्लामिक संस्थानों को लेकर की जा रही राजनीतिक आलोचनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर सीधे निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि केशव मोर्य सिर्फ मदरसों पर हमला कर सकते हैं, क्योंकि उनकी कुर्सी दरअसल एक स्टूल है और स्टूल वालों को जहर उगलना ही पड़ता है.

जिन्हें अंग्रेजों से मोहब्बत, उन्हें मदरसे कैसे पसंद आएंगे- ओवैसी

लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बुधवार (5 अगस्त, 2026) को एक पोस्ट शेयर किया. अपने पोस्ट में ओवैसी ने मदरसों की ऐतिहासिक और संवैधानिक वैधता का बचाव किया. इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मदरसों की भूमिका के महत्व पर भी जोर दिया. 

उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा, ‘केशव मौर्य सिर्फ मदरसों पर हमला कर सकते हैं, क्योंकि उनकी कुर्सी दरअसल एक स्टूल है. जिन्हें अंग्रेजों से मोहब्बत हो, उन्हें मदरसे कैसे पसंद आएंगे? मदरसे अंग्रेजों के खिलाफ साजिशों और आजादी की लड़ाई के केंद्र थे. उन्होंने कई स्वतंत्रता संग्राम पैदा किए, जबकि सावरकर अंग्रेजों को माफीनामे लिख रहे थे.’

गोडसे ने नहीं, पर राजेंद्र प्रसाद ने मदरसे में की थी पढ़ाई- ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने पोस्ट में कहा, ‘आजाद भारत का पहला दहशतगर्द (आतंकवादी) गोडसे किसी मदरसे का छात्र नहीं था, लेकिन भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद मदरसे में पढ़े थे. मुंशी प्रेमचंद और राजा राम मोहन राय ने भी मदरसे में शिक्षा हासिल की थी.’

उन्होंने आगे कहा, ‘संविधान का आर्टिकल 30 हर अकल्लियती बिरादरी को अपने तालीमी इदारे कायम करने और चलाने का हक देता है. ये बेहद शर्मनाक है कि एक संवैधानिक पद पर बैठा शख्स ऐसी जहरीली जबान इस्तेमाल करे. मगर जब कुर्सियां कम हों, तो स्टूल वालों को अपनी सियासी अहमियत बनाए रखने के लिए जहर उगलना ही पड़ता है.’ 

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