- एनडीए ने भी FCRA विधेयक हेतु सांसदों को बुलाया है।
देश की मुख्य विपक्षी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस मानसून सत्र के दौरान संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में अपनी पूरी ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस ने शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया है. जिसके तहत पार्टी ने अपने सभी सांसदों को सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
कांग्रेस के चीफ व्हिप ने जारी किया नोटिस
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) के मुख्य सचेतक यानी चीफ व्हिप कोडिकुन्निल सुरेश ने शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया. इसमें उन्होंने सभी सांसदों को निर्देश दिया है कि वे सोमवार से बुधवार तक यानी 10, 11 और 12 अगस्त को सुबह 11 बजे से सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें. इस दौरान सदन में बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. इसके साथ ही, यह भी कहा गया है कि किसी भी स्थिति में उनकी अनुपस्थिति को स्वीकार नहीं किया जाएगा.
Congress has issued a three-line whip for all its Lok Sabha MPs, asking them to remain present in the House from 11 am onwards on Monday, Tuesday, and Wednesday, August 10, 11, and 12, without fail pic.twitter.com/nGOg48asFG
— IANS (@ians_india) August 7, 2026
नोटिस में कांग्रेस ने सांसदों से क्या कहा?
नोटिस में कहा गया, ‘लोकसभा में सोमवार, मंगलवार और बुधवार यानी 10, 11 और 12 अगस्त, 2026 को बहुत ही महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी. लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के सभी सदस्यों से अनुरोध किया जाता है कि वे तीनों दिन सुबह 11 बजे से लेकर सदन की कार्यवाही के स्थगित होने तक अनिवार्य रूप से सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे और पार्टी के रुख का समर्थन करेंगे. इसे बहुत ही महत्वपूर्ण निर्देश माना जाए.’
NDA सांसदों को भी दिया गया निर्देश
वहीं, दूसरी तरफ केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सांसदों को भी सोमवार (10 अगस्त, 2026) से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हीं रहने का निर्देश दिया गया है.
हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई व्हिप जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी FCRA अमेंडमेंट बिल को संसद में पेश करने, उसपर चर्चा करने और उसे संसद से पारित करवाने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है.
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