- रीजीजू ने चेतावनी दी, शाह बोलेंगे तो सुनना पड़ेगा।
मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों की तरफ से दोनों सदनों में जारी हंगामे और नारेबाजी के बीच संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है. विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति और उनसे दिल्ली में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई समेत अन्य मुद्दों पर जवाब की मांग करते हुए हंगामा और नारेबाजी कर रही है. इस बीच केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्हें सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने विपक्ष से कहा कि जद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे, तो इन्हें (विपक्ष) चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा.
इसमें कंफ्यूजन नहीं है कि सदन की कार्यवाही नहीं चल रही- रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को राज्यसभा में बोलते हुए विपक्ष पर निशाना साधते हुए बड़ी चेतावनी दी. उन्होंने संसद में चर्चा कम होने को लेकर विपक्ष से कहा, ‘संसद में चर्चा इसलिए कम हो रही है क्योंकि विपक्ष और कांग्रेस पार्टी ने हंगामा करके नारेबाजी की. इसकी वजह से चर्चा कर हो रही है.’
उन्होंने कहा, ‘इसमें किसी तरह का कोई कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए कि सदन की कार्यवाही नहीं चल रही है. सदन की कार्यवाही चल रही है, बिल भी पारित हुए हैं, सिर्फ चर्चा कम हुई है, क्योंकि हंगामा हो रहा है.’
Raising slogans and creating ruckus has become a habit for the Opposition.
Even extremists & terrorists tremble at the mere mention of the Home Minister, Shri @AmitShah Ji. The day Home Minister delivers his statement in the House, the Opposition will have a tough time! pic.twitter.com/G7YI4FBvYW— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) August 7, 2026
अमित शाह को लेकर विपक्ष की मांग पर बोले रिजिजू
वहीं, सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति की विपक्ष की मांग पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सुबह से लेकर देर रात तक सदन में ही रहते हैं. इनका (विपक्ष) नाटक नहीं होना चाहिए. कौन सा मंत्री कितने समय तक सदन में बोलेगा, ये अध्यक्ष जी के अनुमोदन से सदन तय करता है. ये विपक्ष की तरफ से तय नहीं किया जा सकता है कि कौन सा मंत्री कब तक बोलेगा.’
उन्होंने आगे कहा, ‘जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे तो इन्हें (विपक्ष) चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा. जब ये लोग सुन नहीं पाएंगे और सदन से भागेंगे, तो इन्हें माफी मांगनी पड़ेगी कि इतने दिनों तक जो हंगामा हुआ, उस पर माफी मांगनी पड़ेगी.’
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