लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को बीजेपी में अपना पसंदीदा नेता बताया था. अब इस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रतिक्रिया दी. पूर्व सीएम ने कहा कि शुक्रवार (7 अगस्त) को कहा कि गांधी परिवार के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध हमेशा बने रहेंगे लेकिन उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रति है.
राहुल गांधी के बयान के बाद अटकलें
गुरुवार (6 अगस्त) को एक इंस्टाग्राम वीडियो में राहुल गांधी ने कहा था, “मेरी (कैप्टन अमरिंदर सिंह) उनसे अच्छी बनती है; वह कूल हैं. वह सैन्य इतिहास के विशेषज्ञ हैं. हैलो, अंकल अमरिंदर!” इससे यह अटकलें शुरू हो गई हैं कि पंजाब के अनुभवी पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव से पहले कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं.
राजीव गांधी मेरे सहपाठी और दोस्त थे- कैप्टन
कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से कहा कि यह अच्छी बात है कि राहुल गांधी ने उनकी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि वे राहुल और प्रियंका गांधी को तब से जानते हैं जब वे बच्चे थे, और उनके पिता व पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी उनके सहपाठी और दोस्त थे. उन्होंने कहा कि भारत को छोड़कर दुनिया भर में निजी रिश्ते राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से अलग होते हैं.
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पारिवारिक रिश्ते हमेशा बने रहेंगे- कैप्टन
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल और उनकी मां सोनिया गांधी के साथ उनके निजी और पारिवारिक रिश्ते हमेशा बने रहेंगे, लेकिन राजनीतिक रूप से वह भारतीय जनता पार्टी के प्रति प्रतिबद्ध हैं.
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने याद किया कि 1980 में वे कांग्रेस के सांसद थे, जबकि उनकी मां, दिवंगत महारानी मोहिंदर कौर, एक विरोधी पार्टी से सांसद थीं. उन्होंने पूछा, “क्या इसका मतलब यह है कि मेरी अपनी मां के साथ नहीं बनती थी?”
पंजाब बीजेपी के प्रवक्ता ने क्या कहा?
पंजाब बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने कहा, “कैप्टन साहब पंजाब के सबसे बड़े नेता हैं.” बलियावाल ने कहा कि राहुल गांधी को कैप्टन अमरिंदर की याद तब आ रही है, जब उनकी पार्टी की पंजाब इकाई में जबरदस्त अंदरूनी कलह और झगड़े चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है.
पंजाब का मुख्यमंत्री रहते हुए 2021 में अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बलियावाल ने कहा कि गांधी को वह समय भी याद रखना चाहिए जब उन्हें “कैप्टन अमरिंदर कूल, नेता या अंकल” नहीं लगते थे.
बलियावाल ने कहा, “उस समय, राहुल ने पंजाब के लिए कैप्टन साहब के योगदान या उस सेवा को भी कोई महत्व नहीं दिया जो उन्होंने पुरानी पार्टी के लिए की थी. अब, जब कांग्रेस में जबरदस्त अंदरूनी कलह और खींचतान मची है और कांग्रेस का जहाज डूब रहा है, तो गांधी को अमरिंदर अंकल याद आ रहे हैं.”
क्या बोले कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह?
जब कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह से राहुल गांधी की टिप्पणी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के पारिवारिक संबंध हैं और पूर्व मुख्यमंत्री एक सम्मानित नेता हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे चाहते हैं कि अमरिंदर कांग्रेस में लौटें, तो राणा गुरजीत ने कहा, “मैं कुछ नहीं चाहता”. इसके बाद उन्होंने कहा कि अमरिंदर को कांग्रेस नहीं छोड़नी चाहिए थी. उन्होंने कहा, “अगर वे रुके होते, तो वे एक पिता-समान व्यक्ति होते जिनसे हर कोई अलग-अलग मुद्दों पर सलाह लेता.”
2021 में कैप्टन ने छोड़ दी थी कांग्रेस
जब अमरिंदर कांग्रेस में थे, तो वे पार्टी के सबसे मजबूत क्षेत्रीय नेताओं में से एक थे और उन्होंने 2017 में 117 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस को जबरदस्त जीत दिलाई थी, जिससे वे दूसरी बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने. उन्होंने 2021 में पार्टी की राज्य इकाई में आपसी कलह के कारण मुख्यमंत्री पद और कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और एक नई पार्टी, पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) बनाई; बाद में, 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में पीएलसी के कोई भी सीट न जीत पाने पर उन्होंने अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय कर दिया. कैप्टन की पत्नी और पूर्व सांसद परनीत कौर, बेटे रनिंदर सिंह और बेटी जय इंदर कौर भी अब भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं.
