राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस फायरिंग और लाठीचार्ज को लेकर बिहार सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक के विरोध में लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बिहार पुलिस ने AK-47 जैसे घातक हथियारों से गोलीबारी की और बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया. इस मामले में उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की.
तेजस्वी यादव ने बताया कि उन्होंने DGP को ज्ञापन सौंपकर संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई बेहद गंभीर और चिंताजनक है.
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उठाए पांच बड़े सवाल
अपने ज्ञापन में तेजस्वी यादव ने बिहार पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि छात्रों पर AK-47 जैसे हथियारों से गोली क्यों चलाई गई, भीड़ नियंत्रण के लिए निर्धारित ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ और एसओपी का पालन क्यों नहीं किया गया तथा फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की भी मांग की.
कानून-व्यवस्था पर भी साधा निशाना
राजद नेता ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में है. उन्होंने सरकार से पुलिस की कथित मनमानी पर रोक लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की.
विपक्षी आंदोलन की दी चेतावनी
तेजस्वी यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों पर गोली चलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो विपक्ष बड़ा विरोध-प्रदर्शन करेगा. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इस मुद्दे को लेकर विपक्ष चुप नहीं बैठेगा.
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