डूंगरपुर जिले में सागवाड़ा नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार बढ़ती जा रही है. चुनावी तैयारियों के बीच सागवाड़ा नगर के 35 वार्डों के मतदाताओं का आयु वर्गवार आंकड़ा सामने आया है. इन आंकड़ों ने चुनावी तस्वीर को काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है. नगर के कुल 25,056 मतदाता इस बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर पार्षद पद के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे.
मतदाता आंकड़ों पर नजर डालें तो सागवाड़ा के चुनावी समीकरण में 36 से 50 वर्ष आयु वर्ग सबसे अहम नजर आ रहा है. इस वर्ग में सबसे अधिक 6,876 मतदाता हैं. इसके बाद 26 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 5,976 मतदाता हैं. वहीं 18 से 25 वर्ष के युवा मतदाताओं की संख्या भी 4,110 है. ऐसे में सागवाड़ा के निकाय चुनाव में युवा और मध्यम आयु वर्ग के मतदाताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
25 हजार से ज्यादा मतदाता, पुरुष-महिला संख्या लगभग बराबर
सागवाड़ा नगर के 35 वार्डों में कुल 25,056 मतदाता दर्ज हैं. इनमें 12,627 पुरुष और 12,427 महिला मतदाता हैं. यानी पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है. इसके अलावा मतदाता सूची में अन्य श्रेणी के मतदाता भी दर्ज हैं.
ऐसे में चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए महिला मतदाताओं के साथ-साथ युवा और मध्यम आयु वर्ग के मतदाताओं को अपने पक्ष में करना बड़ी चुनौती होगी. नगर निकाय चुनाव में वार्ड स्तर पर कुछ सौ वोट भी जीत-हार का अंतर तय कर सकते हैं, ऐसे में प्रत्येक वर्ग के मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है.
36 से 50 साल के मतदाता सबसे ज्यादा, 6,876 वोटर
सागवाड़ा के मतदाता आंकड़ों में 36 से 50 वर्ष आयु वर्ग सबसे बड़ा है. इस आयु वर्ग में कुल 6,876 मतदाता हैं. इनमें 3,377 पुरुष और 3,499 महिला मतदाता शामिल हैं. यह आयु वर्ग स्थानीय मुद्दों, शहर के विकास, सड़क, पानी, सफाई, रोजगार, व्यापार और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर चुनावी निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. यही वजह है कि निकाय चुनाव में इस वर्ग पर प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की खास नजर रहने की संभावना है.
26 से 35 वर्ष के 5,976 मतदाता
दूसरे नंबर पर 26 से 35 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता हैं. इस वर्ग में कुल 5,976 मतदाता हैं. इनमें 3,042 पुरुष और 2,934 महिला मतदाता शामिल हैं. यह वर्ग सागवाड़ा के चुनावी समीकरणों में खासा प्रभाव रखता है. रोजगार, व्यापार, शिक्षा, शहर के विकास और आधुनिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे इस वर्ग के मतदान व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं.
युवा मतदाता भी बनाएंगे चुनावी माहौल
सागवाड़ा नगर निकाय चुनाव में 18 से 25 वर्ष के 4,110 युवा मतदाता भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 2,200 पुरुष और 1,910 महिला मतदाता शामिल हैं. युवा मतदाताओं की संख्या को देखते हुए चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशियों के लिए युवाओं तक पहुंच बनाना भी अहम होगा. सोशल मीडिया, रोजगार, शिक्षा, खेल सुविधाएं, शहर में विकास कार्य और डिजिटल सुविधाओं जैसे मुद्दे युवा मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बन सकते हैं.
51 से 59 वर्ष के 3,703 मतदाता
आंकड़ों के मुताबिक, सागवाड़ा में 51 से 59 वर्ष आयु वर्ग के कुल 3,703 मतदाता हैं. इनमें 1,898 पुरुष और 1,805 महिला मतदाता शामिल हैं. यह वर्ग भी नगर निकाय चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. लंबे समय से शहर की स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों को देखने वाले मतदाताओं का रुझान कई वार्डों में प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने में असरदार हो सकता है.
60 साल से अधिक उम्र के 4,389 वरिष्ठ मतदाता
वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के 4,389 मतदाता मतदाता सूची में दर्ज हैं. इनमें 2,110 पुरुष, 2,278 महिला और एक अन्य श्रेणी का मतदाता शामिल है. वरिष्ठ मतदाताओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़क, स्वच्छता, पेयजल, आवागमन और सामाजिक सुरक्षा जैसे स्थानीय मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में वरिष्ठ मतदाताओं से संपर्क भी अहम रहने वाला है.
वार्ड 22 सबसे बड़ा, यहां 1,384 मतदाता
वार्डवार मतदाता संख्या की बात करें तो वार्ड नंबर 22 सागवाड़ा का सबसे बड़ा वार्ड है. यहां कुल 1,384 मतदाता दर्ज हैं. इनमें 674 पुरुष और 710 महिला मतदाता हैं. इसके बाद वार्ड नंबर 21 में 1,347 मतदाता दर्ज हैं. वहीं वार्ड नंबर 23 में 1,020 मतदाता हैं. इन बड़े वार्डों में प्रत्याशियों को अधिक मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी.
वार्ड 28 में सबसे कम मतदाता
दूसरी ओर वार्ड नंबर 28 सागवाड़ा का सबसे छोटा वार्ड है. यहां कुल 446 मतदाता हैं. इनमें 217 पुरुष और 229 महिला मतदाता शामिल हैं. छोटे वार्डों में मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण कुछ दर्जन वोटों का अंतर भी चुनाव परिणाम पर बड़ा असर डाल सकता है. ऐसे में इन वार्डों में व्यक्तिगत संपर्क और घर-घर प्रचार की रणनीति प्रत्याशियों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है.
महिला मतदाताओं की भूमिका भी रहेगी निर्णायक
सागवाड़ा की मतदाता सूची में पुरुषों और महिलाओं की संख्या लगभग बराबर है. कुल 25,056 मतदाताओं में 12,627 पुरुष और 12,427 महिलाएं हैं. ऐसे में महिला मतदाताओं को किसी भी तरह नजरअंदाज करना प्रत्याशियों के लिए आसान नहीं होगा.
शहर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर महिला मतदाताओं की राय कई वार्डों में चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती है. यही वजह है कि राजनीतिक दल और प्रत्याशी महिला मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की रणनीति पर भी जोर दे सकते हैं.
वार्ड स्तर पर अलग-अलग होंगे चुनावी समीकरण
सागवाड़ा नगर के 35 वार्डों में मतदाताओं की संख्या एक जैसी नहीं है. कहीं मतदाताओं की संख्या एक हजार से अधिक है तो कहीं यह संख्या 500 से भी कम है. ऐसे में प्रत्येक वार्ड का चुनावी समीकरण अलग रहने वाला है. बड़े वार्डों में जहां अधिक मतदाताओं तक पहुंच बनाना प्रत्याशियों की चुनौती होगी, वहीं छोटे वार्डों में व्यक्तिगत संपर्क, स्थानीय मुद्दे और प्रत्याशी की छवि अधिक प्रभाव डाल सकती है.
किस आयु वर्ग के कितने मतदाता?
आयु वर्ग कुल मतदाता
18-25 वर्ष 4,110
26-35 वर्ष 5,976
36-50 वर्ष 6,876
51-59 वर्ष 3,703
60 वर्ष या अधिक 4,389
इन आंकड़ों से साफ है कि 36 से 50 वर्ष का आयु वर्ग सबसे बड़ा मतदाता समूह है. इसके बाद 26 से 35 वर्ष का वर्ग है. यानी सागवाड़ा नगर निकाय चुनाव में युवा से लेकर मध्यम आयु वर्ग तक के मतदाता चुनावी नतीजों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
सागवाड़ा में बढ़ेगा चुनावी पारा, प्रत्याशियों की रणनीति पर नजर
मतदाता आंकड़े सामने आने के बाद अब सागवाड़ा के स्थानीय निकाय चुनाव में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है. राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित प्रत्याशी भी अपने-अपने वार्ड में मतदाताओं के समीकरण को समझने और प्रभावशाली वर्गों तक पहुंच बनाने में जुटेंगे.
25,056 मतदाताओं वाला सागवाड़ा नगर अब चुनावी मुकाबले की ओर बढ़ रहा है. 35 वार्डों में कौन प्रत्याशी अपनी पकड़ मजबूत कर पाता है, किसके पक्ष में महिला और युवा मतदाताओं का रुझान जाता है और 36 से 50 वर्ष के सबसे बड़े मतदाता वर्ग का फैसला किसके पक्ष में होता है—इन सभी सवालों का जवाब चुनाव परिणाम आने के बाद सामने आएगा.
फिलहाल मतदाता आंकड़ों ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि सागवाड़ा के निकाय चुनाव में हर आयु वर्ग और हर वार्ड का अपना अलग चुनावी महत्व होगा, जबकि 36-50 वर्ष के मतदाता सबसे बड़ा निर्णायक समूह बनकर उभर सकते हैं.
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