पाकिस्तान अंडर-19 क्रिकेट टीम के साथ इंग्लैंड में एक ऐसी घटना हुई, जिससे हड़कंप मच गया. पोर्ट्समाउथ में जहां टीम ठहरी हुई है, उस चार सितारा होटल के बाद कई प्रदर्शनकारी जमा हो गए. इनमें से अधिकतर ने अपना चेहरा मास्क या अन्य तरीके से ढका हुआ था. इसके बाद स्थानीय पार्षद को वहां आना पड़ा, उन्होंने भी खिलाड़ियों से प्रमाण मांगा और फिर प्रदर्शनकारियों को समझाया कि उन्हें ग़लतफहमी हुई है.
क्या है पूरा मामला
ये पूरी घटना 8 सितंबर की है. पाकिस्तान की अंडर-19 क्रिकेट टीम अभी इंग्लैंड दौरे पर है. फरहान यूसुफ़ की कप्तानी वाली पाक टीम अभी पोर्ट्समाउथ के मैरियट होटल में रुकी हुई है. प्रदर्शनकारियों ने होटल के बाद पाक खिलाड़ियों को खड़े देखा, उन्हें ऐसा लगा कि ये वो शरणार्थी हैं जिन्हे हाल ही में नावों के जरिए इंग्लैंड लाया गया. उन्हें लगा कि वही लोग होटल में ठहरे हुए हैं, जिसके बाद वह कई संख्या में एकत्रित हो गए और विरोध करने लगे.
मामला बढ़ा तो स्थानीय पार्षद को होटल में बुलाया गया. जॉर्ज मैडगविक ने मैनेजर से बात की, उन्होंने कोच और खिलाड़ियों से प्रमाण देखा कि वह सच में टीम के सदस्य हैं. इसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें समझाया कि आपको ग़लतफहमी हुई है.
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क्यों हुई गलतफहमी?
दरअसल जिस कंपनी की बस से पोर्ट्समाउथ में शरणार्थियों को लाया गया था, उसी कंपनी की बस पाकिस्तान अंडर-19 टीम को होटल लेकर पहुंची थी. स्थानीय पार्षद ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर लोग काफी सतर्क हैं और जब उन्होंने उस बस में एक ग्रुप को होटल में ले जाते हुए देखा तो उन्हें गलतफहमी हो गई कि ये शरणार्थी ही हैं. इसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से संपर्क किया, उन्होंने खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्थिति को लेकर जानकारी ली.
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