गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सुशासन के पांच वर्ष पूरे होने के मौके पर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाईं. सरकार के अनुसार, इस अवधि में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मुख्यमंत्री अमृतम (PMJAY-MA) के तहत स्वास्थ्य सहायता कवच की राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है.
राज्य में अब तक 2.92 करोड़ से अधिक नागरिकों को आयुष्मान कार्ड दिए जा चुके हैं. गुजरात सरकार के मुताबिक, स्कूली विद्यार्थियों को डिजिटल हेल्थ कार्ड देने वाला गुजरात देश का एकमात्र राज्य है. अब तक 1.15 करोड़ से अधिक डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं.
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8 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता
मातृ एवं बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य ने उपलब्धियां हासिल करने का दावा किया है. नमोश्री योजना के तहत 8 लाख से अधिक महिलाओं को 540 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी गई है. गुजरात में संस्थागत प्रसव दर 99.97 फीसदी पहुंच गई है।
टीबी और टीकाकरण पर भी जोर
‘स्वस्थ गुजरात, मोटापामुक्त गुजरात’ अभियान की शुरुआत के साथ प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को भी आगे बढ़ाया गया. सरकार के अनुसार, 31,021 निक्षय मित्र पंजीकृत हुए और टीबी मरीजों के लिए 5,76,344 पोषण किट वितरित की गईं. मिशन इंद्रधनुष के तहत 9,95,395 बच्चों और 2,25,960 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हुआ.
AIIMS से ट्राइबल जीनोम प्रोजेक्ट तक
राजकोट AIIMS के लोकार्पण और अहमदाबाद के सोला सिविल अस्पताल में देश के पहले टेली-रिहैबिलिटेशन सेंटर की शुरुआत से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ. ‘आरोग्य समीक्षा केंद्र’ और 108 सेवा में 617 नई एंबुलेंस जोड़ने के बाद कुल संख्या 1,455 हो गई है. गुजरात ट्राइबल जीनोम सीक्वेंसिंग प्रोजेक्ट शुरू करने वाला देश का पहला राज्य भी बना है.
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