बिहार के सहरसा के सदर अस्पताल में मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की खबर संकलन के दौरान एक समाचार चैनल के पत्रकार अभिषेक कुमार को अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मियों द्वारा मारपीट की गई. इस दौरान उससे गाली-गलौज, धमकी और सामान छीन लिया गया.
पत्रकार द्वारा सदर थाना में आवेदन देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने तथा निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है. पत्रकार बीमार बच्चों की कवरेज के लिए सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवा में बच्चों का वीडियो बनाने के बाद अस्पताल के बाहर बरामदे में पीटीसी कर रहा था.
सहरसा का मामला है। प्रभात खबर के लिए रिपोर्टिंग कर रहे अभिषेक के साथ सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने मारपीट की। वे मिड डे मिल खाने से बीमार पड़े बच्चों के मामले की रिपोर्टिंग कर रहे थे। pic.twitter.com/E9B6i9ax0k
— Ajeet Kumar (@iajeetkumar) September 12, 2026
पत्रकार को दी गई जान से मारने की धमकी
अस्पताल प्रबंधक सिपी कुमारी द्वारा अस्पताल प्रभारी डॉ. अजीत एवं डॉ. एसके आजाद से शिकायत किए जाने के बाद दोनों चिकित्सकों द्वारा खबर की कवरेज को लेकर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई.
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घटनास्थल पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद के निर्देश एवं इशारे पर डॉ. रोशन लाल, डॉ. नीरज कुमार निखिल, कर्मी मो. रफीक सहित करीब 20-25 पैरा मेडिकल छात्रों को बुलाया गया. सभी ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन ओटी की ओर ले जाकर कमरे में बंद कर दिया. वहां गला दबाने तथा शरीर के विभिन्न हिस्सों पर प्रहार किया.
नकदी व आभूषण छीनने का आरोप
आरोप है कि मारपीट के दौरान पत्रकार की जेब में रखे करीब 2,500 रुपये, कान का सोने का कुंडल और गले की सोने की चेन छीन ली. साथ ही माइक और मोबाइल फोन तोड़ दिया. घटना के बाद गंभीर चोट लगने पर पत्रकार को इलाज के लिए श्री नारायण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज चल रहा है. पत्रकार ने सदर अस्पताल परिसर और ओटी के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की है.
पैरा मेडिकल छात्रों के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
आवेदन में बताया गया अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा पैरा मेडिकल छात्रों को कथित तौर पर बाउंसर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. पूर्व में भी पैरा मेडिकल में पढ़ने वाले छात्रों द्वारा मारपीट की घटना सामने आ चुकी है. वहीं डॉ. रोशन लाल की कथित विवादास्पद शैली रही है.
सदर थाना पुलिस से नामजद चिकित्सकों, अस्पताल कर्मियों, पैरा मेडिकल छात्रों एवं अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने, टूटे मोबाइल-माइक तथा कथित तौर पर छीने गए आभूषण व नकदी की बरामदगी और चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की है.
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