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बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ पर भड़के पप्पू यादव, बाढ़ का उठाया मुद्दा


बिहार के पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहार में शिक्षा विभाग द्वारा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम मनाने के आदेश पर तंज कसा है. उन्होंने बाढ़ से जूझ रहे बिहार में इस तरह के कार्यक्रम को बेशर्मी बताया.

इसको लेकर पप्पू यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट भी किया है. जिसमें उन्होंने लिखा,   “PM के जन्मदिन पर दीया जलाने को कितनी बेचैन है सरकार?सारी शर्म को ताक पर रख दिया.राज्य का 18 जिला बाढ़ प्लावित है,उस दौरान सारे शिक्षकों को मोदी जी के  जन्मदिन पर दीया जलाने के अभियान में लगाना,इनके बेशर्मी के विश्वगुरु होना का नग्न प्रमाण है. मूर्खों शिक्षकों का तो न करो अपमान.”

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पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ का मुद्दा उठाया 

पप्पू यादव के मुताबिक बिहार के ज्यादातर जिले बाढ़ से जूझ रहे हैं ऐसे में इस तरह के आयोजन पर सवाल उठता है. 18 जिलों में 49 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. बड़ी संख्या में लोग पलायन कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. उस बीच शिक्षकों को इस तरह के कार्यक्रम करना विपक्ष ने मुद्दा बना लिया है. उनका कहना है कि लोग पीड़ा में हैं और इस तरह के सरकारी आयोजन में सरकार व्यस्त है.

क्या है शिक्षा विभाग को आदेश ?

पप्पू यादव ने जो आदेश का पत्र शेयर किया है उसमें धर्मेन्द्र कुमार विशेष सचिव ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि सभी जिलों के सरकारी स्कूलों में आज (17 सितंबर) की शाम को स्कूल-छात्रावास पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं. इसके पीछे तर्क है कि इससे विकसित भारत 2047 का संकल्प प्रतीत होगा. इसके साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूकता फैलाने के निर्देश हैं. इसके लिए सभी तैयारियां पूरे करने के निर्देश सभी जिलों को दिए गए हैं.

पप्पू यादव के साथ ही विपक्ष ने भी इस आयोजन को जनता के साथ भद्दा मजाक बताया है. उनके मुताबिक एक तरफ बाढ़ से जनता दुखी और दूसरी तरफ पूरी सरकार इस तरह के आयोजन में जुटी है. जनता के दुःख की चिंता नहीं है शायद. फिलहाल इस पर राजनीति तेज हो चुकी है.

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