प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा संकल्प अभियान के सेवा यात्रियों से बातचीत की. उन्होंने गुरुवार (24 सितंबर) को कहा कि सेवा ही हमारा मुख्य कार्य होना चाहिए और सेवा करते-करते ही सेवा का संदेश देना है, कोई उपदेश नहीं देना है. पीएम मोदी ने इस दौरान और भी मसलों से बातचीत की. उन्होंने गुजरात के साथ-साथ और भी राज्यों के सेवा यात्रियों को खास मैसेज दिया. पीएम ने कहा कि हम कितने भी ऊंचे शिखर पर पहुंचे, सेवा भाव से पीछे नहीं हटेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमारे यहां कहा जाता है कि जब कोई यात्रा करके वापस आता है और आपको उनको प्रणाम करते हैं, तो यात्रा का जो पुण्य है, उसका आधा पुण्य उस व्यक्ति को मिलता है, जो यात्रियों को प्रणाम करता है, तो आज मैं भी सभी सेवा यात्रियों को प्रणाम करके आपका आधा पुण्य चुरा रहा हूं.’
सेवा के रास्ते से कभी नहीं भटकें – प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं सभी से अपील करता हूं कि वे अपना भी ध्यान रखें. सेवा ही हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए. हमें सेवा का संदेश सिर्फ उपदेश देकर नहीं, बल्कि खुद सेवा करके देना चाहिए. हम अपने कामों से सेवा का संदेश देंगे, सिर्फ बातों से नहीं. हमारे व्यवहार से लोगों को यह दिखना चाहिए कि चाहे हमें कितनी भी बड़ी राजनीतिक शक्ति क्यों न मिल जाए, हमारा रास्ता सेवा का ही रहेगा. हम सेवा के इस रास्ते से कभी नहीं भटकेंगे. चाहे हम कितनी भी ऊँचाइयों पर पहुँच जाएँ, हम हमेशा ‘सेवा परमो धर्म:’ (सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है) के सिद्धांत को मानते हुए आगे बढ़ेंगे.’
Interacting with the Seva Yatris travelling on the Yatra from Vadnagar to Varanasi. Their spirit of service is truly inspiring. https://t.co/Sdz8GKY0vY
— Narendra Modi (@narendramodi) September 24, 2026
पौधारोपण पर क्या बोले पीएम
पीएम मोदी ने पौधारोपण का जिक्र करते हुए कहा, ‘मेरे पास एक सरल तरीका है. पौधा लगाते समय हमें उसके पास पानी से भरा मिट्टी का एक घड़ा रख देना चाहिए, जिसका मुंह ऊपर की तरफ हो. महीने में एक बार उस घड़े में पानी भर देना चाहिए ताकि पेड़ अच्छे से बढ़ सके. इससे पानी की बचत भी होगी और ज्यादा से ज्यादा पेड़ उगाने में भी मदद मिलेगी.’
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