इसके साथ ही एआई संचालित और वर्क फ्रॉम होम या रिमोट वर्क मॉडल के विस्तार को देखते हुए कंपनियों में बेहतर संवाद, समस्या समाधान, डिजिटल साक्षरता और परिस्थितियों के अनुकूल एडेप्टेबिलिटी जैसे सॉफ्ट स्किल की मांग में भी भारी इजाफा हुआ है.

रिपोर्ट में सबसे अच्छी बात यह सामने आई है कि भारत में युवाओं की कुल रोजगार क्षमता में सुधार हुआ है. 2025 में जहां भारत की ओवरऑल एम्प्लॉयबिलिटी 54.81 प्रतिशत थी, वहीं 2026 में यह बढ़कर 56.35 प्रतिशत तक पहुंच गई है.

इंडिया स्किल रिपोर्ट 2026 में उन प्रमुख स्किल्स और क्षेत्र की लिस्ट जारी की है, जिनकी बाजार में सबसे ज्यादा मांग है. इनमें एआई और मशीन लर्निंग में प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और प्रोडक्टिव एनालिटिक्स शामिल है. इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी में आईओटी सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन सिक्योरिटी और डेटा कंप्लायंस शामिल है.

वहीं क्लाउड कंप्यूटिंग में मल्टी क्लाउड आर्किटेक्चर, एडब्ल्यूएस, एज्योर और जीसीपी शामिल है. इसके अलावा सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में पाइथन, reactjs, फुल स्टैक डेवलपमेंट और मोबाइल एप डेवलपमेंट शामिल है. वहीं डेटा एनालिटिक्स में एसक्यूएल, पावर बीआई और टेब्ल्यू शामिल है.

जबकि फिनटेक और ब्लॉकचेन में डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन और स्मार्ट कांट्रैक्ट्स, हेल्थकेयर आईटी और सस्टेनेबिलिटी में टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म, डायग्नोस्टिक एआई, रिन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट रिस्क शामिल है.

रिपोर्ट में इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया गया है कि एआई, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड और डेटा से जुड़े रोल की मांग उनकी सप्लाई की तुलना में कहीं ज्यादा है. एआई आधारित नौकरियों में हर साल दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसके चलते वर्क फ्रॉम होम को अपस्किल करने की जरूरत पहले सेकंड ज्यादा बढ़ गई है. वहीं अनुमान लगाया गया है कि 2027 तक भारत का एआई टैलेंट बेस बढ़कर 12.5 लाख तक पहुंच जाएगा.

रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि अब कंपनियां केवल एआई आधारित सेवाएं ही नहीं दे रही, बल्कि नौकरियों के लिए सही उम्मीदवारों की तलाश और भर्ती में भी तकनीक का व्यापक इस्तेमाल कर रही है.

देश की लगभग 70 प्रतिशत आईटी कंपनी अपनी भर्ती प्रक्रिया में एआई का उपयोग कर रही है. वहीं बैंकिंग वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र की 50 प्रतिशत कंपनियों ने हायरिंग के लिए एआई टूल लागू किए हैं.

इंडिया स्किल स्किल रिपोर्ट 2026 का मुख्य ध्यान इस बार गिग वर्क, फ्रीलांसिंग एआई सपोर्टेड रोल्स, रिमोट वर्किंग ओर एंटरप्रेन्योरशिप पर केंद्रित रहा है. रिपोर्ट बताती है कि भारत के युवा टीचर्स और एंपलॉयर्स, नवाचार और तकनीकी पर आधारित काम के नए तरीकों को तेजी से अपना रहे हैं.
Published at : 27 Oct 2026 08:29 AM (IST)
