प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी के बयान पर सियासत गरमा गई है. BJP बुरी तरह बिफर पड़ी है. गृह मंत्री अमित शाह से लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तक कड़ी प्रतिक्रिया दी है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी को झूठा और विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बनने का गंभीर आरोप मढ़ा है. साथ ही सीधी बहस की चेतावनी दी है.
अमित शाह ने राहुल के बयान पर पलटवार करते हुए हैदराबाद में बीजेपी के राष्ट्रव्यापी लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ मार्च के दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद वेंटिलेटर पर है. क्या वेंटिलेटर पर पड़ी यह पार्टी मोदी जी के साथ मैराथन दौड़ सकती है? राहुल जी, मोदी जी को छोड़ ही दीजिए, मेरे तेलंगाना युवा मोर्चा के अध्यक्ष ही आपको हरा देंगे.
शाह ने कहा, ‘आज हैदराबाद की सड़कों पर हजारों लोग खड़े हैं. कल दिल्ली में भी एक रैली हुई थी. राहुल जी ने एक रैली की, जिसे उन्होंने ‘वोट बचाओ’ रैली बताया. लेकिन यह ‘वोट बचाओ’ रैली नहीं थी, बल्कि ‘घुसपैठियों को बचाओ’ रैली थी.’
मॉक पार्लियामेंट को लेकर क्या बोले अमित शाह?
इसके अलावा शाह ने मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी एक नकली संसद में तो प्रधानमंत्री बन सकते हैं. लेकिन असली संसद में वे कभी इस पद पर नहीं पहुंच पाएंगे.’
शाह ने कहा कि अवैध प्रवासियों को बचाने के लिए वोटर्स लिस्ट के एसआईआर का विरोध कर रही है. शाह ने साथ ही राहुल को एक विशेष सत्र में शामिल होने की चुनौती दी. उन्होंने पूछा कि अगर ये मशीनें भरोसेमंद नहीं थी, तो फिर कांग्रेस ने तेलंगाना और अन्य राज्यों में सरकारें कैसे बनाईं? वे लोगों के बीच काम करने की बजाय महीनों तक विदेश में रहते हैं.
नितिन नवीन बोले- राहुल गांधी को बनाया जा रहा मोहरा
इधर, बिहार के भागलपुर में नितिन नवीन ने पदयात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि विदेशी टूलकिट के माध्यम से भारत की ताकत को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. विदेश की कुछ ताकतें भारत के विकास और बढ़ती वैश्विक ताकत को रोकना चाहती हैं. इसके लिए राहुल गांधी को मोहरा बनाया जा रहा है. लेकिन देश की जनाता और बीजेपी इस साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी. भारत की 140 करोड़ की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लोकतंत्र के पक्ष में खड़ी है. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने भारत को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया है.
राहुल ने क्या कहा है?
इससे पहले लोकसभा नेता प्रतिपक्ष गांधी ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी के भाषण पर पलटवार करते हुए एक्स पर पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा, मोदी जी इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए. आप विदेशी मदद से पीएम बने. विदेशी मदद से ही पीएम बने हुए हैं. आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है. मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं। कोई भी मंच, किसी भी समय. हिम्मत है तो आइए. आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं.
खेड़ा बोले- एक बार राहुल बनाम मोदी हो जाए
कांग्रेस राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा है कि विदेशी प्रभाव की बात करें, तो मोदी जी के दोस्त डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट पहुंचने के सफर में राष्ट्रपति पद की बहसों का सामना करना पड़ा था. तो फिर भारत में भी राष्ट्रपति पद की तर्ज पर एक बहस क्यों न हो? राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी. लाइव. समय और जगह मोदी की पसंद की हो. आखिरकार, जो खुद को ‘विश्व गुरु’ कहते हैं, उन्हें एक खुली बहस में अपने कामकाज का बचाव करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.
पीएम मोदी ने विपक्ष पर क्या कहा था?
पूरा विवाद पीएम मोदी के उस बयान पर है, जिसमें उन्होंने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर गुजरात में दिया था. उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि देश को बांटने की कोशिश हो ही है. बाधा डालने वाली ताकतें, अफवाहें फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो रहा है.
