नई दिल्ली स्थित आइटीबीपी फोर्स मुख्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के बाद संजय सिंघल ने औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली और उनका निरीक्षण किया. इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के दौरान एडीजी संजय गुंज्याल सहित आइटीबीपी बोल के कई दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

आपको बता दें कि संजय सिंघल वर्तमान में सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. इसके साथ ही अब उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. वर्तमान में जब सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, दुर्गम इलाकों में ऑपरेशनल की तैयारी को धार देना और फोर्स का आधुनिकीकरण करना राष्ट्रीय सुरक्षा की मुख्य प्राथमिकताएं हैं, ऐसे में सिंगल की यह जिम्मेदारी बहुत अहम मानी जा रही है.

सिंगल के पास पुलिस प्रशासन, कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में तीन दशक से ज्यादा का लंबा एक्सपीरियंस है. 1993 बैच के यूपी कैडर के अधिकारी के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई जरूरी पदों पर अपनी सेवाएं दी. वही मई 2002 से जून 2003 के बीच उन्होंने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत भी कार्य किया, जहां उनके उत्कृष्ट कृष्णा योगदान के लिए उन्हें संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया.

वहीं संजय सिंघल के लिए आइटीबीपी कोई नया संगठन नहीं है. इससे पहले वह आइटीबीपी में देहरादून स्थित सेक्टर मुख्यालय में उप-महानिरीक्षक और पूर्वी सीमा में महानिरीक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. इसके अलावा वह सीमा सुरक्षा बल में विशेष महानिदेशक के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं.

संजय सिंगल को उनकी उत्कृष्ट, सराहनीय और विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक, कठिन सेवा मेडल और संयुक्त राष्ट्र पदक से नवाजा जा चुका है.

वहीं अब शत्रुजीत कपूर के सेवानिवृत होने के बाद संजय सिंघल के नेतृत्व में आईटीबीपी लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैली 3,488 लंबी भारत-चीन सीमा पर अपनी पैनी नजर, चौकसी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ेगी.
Published at : 02 Nov 2026 05:52 PM (IST)
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