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बीजेपी ने 3 करोड़ घुसपैठियों का किया दावा, अब पी. चिदंबरम ने पूछे ये पांच सवाल


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन के ‘3 करोड़ घुसपैठियों’ संबंधी दावे पर सोमवार को पलटवार करते हुए उनसे पांच सवाल पूछे. उन्होंने जानना चाहा कि जिन तीन करोड़ घुसपैठियों की बात नवीन कर रहे हैं, वे कौन हैं और क्या केंद्र एवं राज्य सरकारों ने उनकी पहचान कर ली है. मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए जाने के विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए नवीन ने कहा था, ‘‘राहुल गांधी, हमारी पार्टी के कार्यकर्ता गली से लेकर संसद तक हर वोट का हिसाब दे सकते हैं.’’

नवीन ने कहा था कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों में ढाई करोड़ ऐसे लोगों के थे, जिनकी मौत हो चुकी है, जबकि छह करोड़ लोग ऐसे हैं, जो दूसरी जगह चले गए हैं. भाजपा अध्यक्ष ने कहा था, ‘‘तीन करोड़ घुसपैठिये हैं. लोग जानते हैं कि वे (विपक्ष) इन घुसपैठियों को बचाने के लिए लड़ रहे हैं. जब तक भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कार्यकर्ता मौजूद हैं, हम इन घुसपैठियों को देश से बाहर निकालकर रहेंगे.’’

चिदंबरम के 5 सवाल

नवीन के बयान पर पलटवार करते हुए चिदंबरम ने उनसे पांच सवाल पूछे. उन्होंने जानना चाहा कि भाजपा अध्यक्ष ने रविवार को जिन तीन करोड़ घुसपैठियों का उल्लेख किया था, वे कौन हैं और क्या केंद्र एवं राज्य सरकारों ने उनकी पहचान कर ली है.

चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आपने कहा कि हरियाणा के लोग जानते हैं कि घुसपैठिये कौन हैं. अगर लोगों को पता है तो हरियाणा सरकार को भी पता होना चाहिए. राज्य सरकार उनके नाम सार्वजनिक करके उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करती?’’

BJP-कांग्रेस में आर-पार

कांग्रेस नेता ने कहा कि कोई भी घुसपैठियों को बचा नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी पहचान की जानी चाहिए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि अगर घुसपैठियों की संख्या तीन करोड़ है, तो मृतकों के नामों को छोड़कर मतदाता सूची से 13.3 करोड़ लोगों के नाम क्यों हटाए गए.

चिदंबरम ने नवीन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए थे, उनमें से 91 से 93 प्रतिशत लोगों ने अपील में जीत हासिल की. क्या वे भी घुसपैठिये हैं?’’ चिदंबरम की यह टिप्पणी ‘वोट चोरी’ को लेकर जारी विवाद के बीच आई है. विपक्ष का आरोप है कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान गलत तरीके से 13.3 करोड़ लोगों के नाम हटा दिए, जबकि भाजपा का कहना है कि यह प्रक्रिया अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए अपनाई गई थी.



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