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Ghazipur News: गाजीपुर में बलात्कार और हत्या के मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज, अब तक कहां पहुंची जांच?


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  • गाजीपुर में नाबालिग की दुष्कर्म-हत्या से सियासत तेज हुई.
  • सपा-कांग्रेस ने BJP को घेरा, परिवार पर दबाव का आरोप.
  • पुलिस ने मुख्य आरोपी गिरफ्तार, परिवार को न्याय का भरोसा.
  • पीड़िता के पिता बोले, राजनीतिक रोटी न सेंकें नेता.

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर बलात्कार और हत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर BJP को घेरते हुए कहा कि उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. इस बीच पुलिस-प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है.

गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में कुछ दिन पहले विश्वकर्मा समाज की एक लड़की से कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया था.

राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि वह 29 अप्रैल को कटारिया गांव पहुंचकर पीड़िता के परिवार से मुलाकात करेंगे. इससे पहले सपा का एक प्रतिनिधिमंडल गांव में गया जहां पथराव की घटनाएं सामने आईं.

शनिवार को सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने गाजीपुर की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है. यादव ने कहा, ‘एक पिता की बेटी की जान चली गई और उसे लालच देने के लिए BJP के नेता वहां पहुंचे हैं, पुलिस भी मौजूद है. सोचिए, वहां जाकर पिता को मनाने की कोशिश की जा रही है.’

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उन्होंने 29 अप्रैल के अपने प्रस्तावित दौरे पर कहा कि यदि पीड़ित परिवार विशेषकर पिता, मना करेंगे तो वह वहां नहीं जाएंगे. यादव ने पत्रकारों को एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें कथित तौर पर पीड़िता के पिता, कुछ BJP नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत होती दिख रही है.

समाज अब अधिक जागरूक हो रहा- अखिलेश

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गाजीपुर जाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और उनकी बात सुनने की मंशा रखती है तथा उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) हर मुद्दे में राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, लेकिन समाज अब अधिक जागरूक हो रहा है.

यादव ने बाद में ‘एक्‍स’ पर एक पोस्‍ट में कहा, ”ये BJP सरकार में एक नया चलन शुरू हो गया है कि पहले वर्चस्ववादी सत्ताधारी अत्याचार करते और करवाते हैं, फिर पीड़ित पर दबाव बनाकर बयान बदलवाते हैं. एक गरीब की बेबसी का फायदा उठाना अन्याय का सबसे अमानवीय रूप है. BJP का शासन-प्रशासन निकृष्टतम दौर से गुजर रहा है.”

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि कौन लोग पीड़ित पक्ष पर दबाव बना रहे हैं और पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.

यादव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए.

राहुल गांधी ने की पोस्ट

इस बीच, शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक बेटी के साथ बलात्कार और निर्मम हत्या, और फिर परिवार को प्राथमिकी दर्ज कराने से रोकने के लिए धमकियां, हिंसा. हाथरस, कठुआ, उन्नाव और आज ग़ाज़ीपुर, यह एक पैटर्न है. मणिपुर की बेटी ने न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ दिया.’

गांधी ने इसी पोस्ट में दावा किया, ‘हर बार वही चेहरा – पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी, ग़रीब. हर बार वही सच्चाई – अपराधी को संरक्षण, पीड़ित को प्रताड़ना. हर बार वही चुप्पी – सत्ता की, जिन्हें बोलना चाहिए था.’

उन्होंने कहा, ‘जिस देश और प्रदेश में मां-बाप को अपनी बेटी की प्राथमिकी लिखवाने के लिए भीख मांगनी पड़े, उस देश की सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं.’

गांधी ने कहा, ‘दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हो, परिवार को सुरक्षा मिले, उच्च स्तरीय जांच हो और तुरंत न्याय मिले. मोदी जी, मुख्यमंत्री जी जवाब दीजिए – आपके राज में बेटियां इतनी असुरक्षित क्यों हैं? ऐसे हालात में न्याय माँगा नहीं, छीना जाता है, और हम छीनकर लाएंगे.’

वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पर इसी मामले पर लिखा, ‘गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में एक लड़की की हत्या के मामले में पहले केस दर्ज होने में आनाकानी, फिर पीड़ित परिवार को धमकियां मिलना और दबंगों द्वारा अराजकता फैलाना यह दिखाता है कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार चरम पर है.’

उन्होंने कहा, ‘BJP राज में अब यही अघोषित कानून बन गया है कि जब भी किसी महिला पर अत्याचार होता है तो पीड़ित को ही और प्रताड़ित किया जाता है.’

वाद्रा ने कहा, ‘महिलाओं को लेकर प्रधानमंत्री जी की बड़ी-बड़ी बातें सिर्फ दिखावा हैं. उन्नाव हो, हाथरस हो, प्रयागराज हो या गाजीपुर, जहां भी महिलाओं के साथ अन्याय हुआ, BJP अपनी पूरी सत्ता के साथ पीड़िता के खिलाफ, अत्याचारी के साथ खड़ी हो गई. देश भर की महिलाएं ये अंधेरगर्दी देख रही हैं.’

समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा था कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव 29 अप्रैल को गाजीपुर जिले के कटारिया गांव में जाकर पीड़िता के परिजन से मुलाकात करेंगे.

पुलिस ने क्या बताया?

इस बीच वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पीयूष मोर्डिया ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र में 14-15 अप्रैल की रात एक लड़की गायब हो गई थी और सुबह लगभग साढ़े पांच बजे यहां से तीन किलोमीटर दूर गंगा नदी के पुल के पास उसका शव मिला.

उन्होंने कहा कि परिजन की तरफ से मिली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई और मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

मोर्डिया ने कहा, ‘इस संबंध में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मृतका के परिजन से मुलाकात की, उसके पिता से काफी लंबी बातचीत हुई. उन्होंने पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और उसी के आधार पर कार्रवाई गई ,जिसपर उन्होंने संतुष्टि प्रकट की.’

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एडीजी ने कहा कि, ‘साथ ही उन्होंने यह अनुरोध किया कि त्वरित अदालत में मुकदमा चलाकर जल्द से जल्द आरोपी को सजा दिलाई जाए.’

उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कुछ बाहरी लोगों ने गांव में अशांति फैलाने का प्रयास किया.

कटरिया गांव में गंगा में मृत मिली 16-17 वर्षीय बालिका के पिता सियाराम विश्वकर्मा ने नेताओं से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि ‘बेटी की मौत से वह बेहद दुखी हैं और नहीं चाहते कि कोई नेता दरवाजे पर आकर राजनीतिक रोटी सेंके.’

उन्होंने बताया कि डीएम अनुपम शुक्ला और एसपी डॉ. इराज राजा ने मिलकर आरोपी हरिओम पांडेय को सजा दिलाने का भरोसा दिया है. वे पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हैं.

राज्यसभा सदस्य डॉ. संगीता बलवंत ने सीएम को लिखी चिट्ठी

इधर, राज्यसभा सदस्य डॉ. संगीता बलवंत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अखिलेश यादव को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने की मांग की. उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में राजनीति करना अक्षम्य है और सपा नेताओं के आने से पहले पत्थरबाजी हो चुकी है.

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कटरिया गांव में सियाराम विश्वकर्मा से मिलकर संवेदना जताई. बाद में पत्रकारों से कहा कि गांव में आकर या सोशल मीडिया पर गलत बयानी कर जिले में अराजकता फैलाने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी.

उन्होंने बताया कि मृतका के पिता ने हत्यारे को कठोर सजा देने की मांग की है और पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हैं. डीएम ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मजबूत पैरवी कर जल्द सजा दिलाने का प्रयास करेंगे.

कांग्रेस-सपा नेताओं के ट्वीट पर उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी.



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